गौरीगंज (अमेठी)। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शीघ्र ही जर्जर भवनों में पढ़ने की समस्या से निजात मिल जाएगी। डीएम ने तीन सदस्यीय तकनीकी टीम गठित कर जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण का मूल्यांकन कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
बीएसए ने पिछले दिनों जिले के परिषदीय स्कूलों के परिसर में काफी समय से जर्जर पड़े 156 स्कूल भवनों (प्राथमिक व उच्च प्राथमिक) के ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव डीएम को भेजा था। डीएम ने इस प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए एक्सईएन पीडब्ल्यूडी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय तकनीकी टीम गठित की है। टीम में एक्सईएन के साथ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग व लघु सिंचाई के एई को सदस्य नामित किया है।
डीएम ने तकनीकी टीम को जर्जर भवनों का मूल्यांकन कर विस्तृत रिपोर्ट 15 दिन के भीतर बीएसए के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि तकनीकी समिति को जर्जर भवनों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। मूल्यांकन आख्या मिलने के बाद शासन के मंशानुरूप जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
ब्लॉकवार जर्जर भवनों की संख्या
बीएसए ने बताया कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के जर्जर भवनों की तैयार सूची में सर्वाधिक 43 विद्यालय गौरीगंज के हैं। इसके अलावा संग्रामपुर के 12, भेटुआ के 29, अमेठी के चार, मुसाफिरखाना के 41, तिलोई के 15 व शाहगढ़ तथा जामो के छह-छह स्कूल भवन शामिल हैं।