अमेठी। क्षेत्र में बीते दिनों हुई अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से पीड़ित सभी किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता दिलाए जाने को लेकर तहसील प्रशासन ने कार्य शुरू कर दिया है। पीड़ित किसानों की फीडिंग के लिए 16 लेखपाल व अन्य कर्मियों को लगाया गया है। फीडिंग के बाद सीधे किसानों के खाते में आर्थिक सहायता की राशि भेजी जाएगी।
क्षेत्र में पिछले दिनों हुई अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से किसानों की फसलें नष्ट हो गयी थीं। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद शासनादेश के क्रम में जिला व तहसील प्रशासन किसानों को जल्द आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने में जुटा है। तहसील प्रशासन को विकास खंड भादर क्षेत्र के 41 गांवों के 10,650 पीड़ित किसानों की रिपोर्ट मिली है जबकि अन्य ब्लॉकों के गांवों में हुई क्षति आकलन रिपोर्ट संबंधित कर्मियों द्वारा तैयार की जा रही है।
अब तक मिली रिपोर्ट के सापेक्ष तहसील प्रशासन ने 4.31 करोड़ की डिमांड जिला प्रशासन को भेजी है। एसडीएम योगेंद्र सिंह और तहसीलदार घनश्याम भरतीय ने सोमवार को इस संबंध में सभी कर्मियों के साथ बैठक की। उन्होंने तत्काल पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता राशि दिलाने को लेकर गांव वार कंप्यूटर में फीडिंग के लिए 16 लेखपालों व अन्य कर्मियों की ड्यूटी लगाई है। फीडिंग के बाद पीड़ित किसानों के खातों में सहायता राशि आरटीजीएस के माध्यम से भेज दी जाएगी। इससे किसानों को आर्थिक सहायता राशि पाने के लिए तहसील प्रशासन का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
लेखपाल को उपलब्ध करना होगा दस्तावेज
एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि तहसील क्षेत्र में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को प्रदेश सरकार की ओर से फसलों की हुई क्षति को लेकर सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है। कहा कि पीड़ित किसानों को बैंक पासबुक, आईएफएससी कोड, आधार कार्ड की छाया प्रति और मोबाइल नंबर हल्का लेखपालों को उपलब्ध कराना होगा। दस्तावेज मिलने पर तत्काल फीडिंग कराकर उनके खातों में सहायता राशि भेजी जाएगी। उन्होंने पीड़ित किसानों के साथ ही सभी ग्राम प्रधानों से सहयोग की अपील की है।
अब तक भेजी गई 4.31 करोड़ की डिमांड
एसडीएम योगेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक जिला प्रशासन को 4.31 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गयी है। कहा कि जिन गांवों की क्षति आकलन रिपोर्ट मिल गयी है उन गांवों के पीड़ित किसानों की फीडिंग का कार्य कराया जा रहा है। कहा कि ज्यादा किसानों के खातों में सहायता राशि भेजने की कोशिश चल रही है।