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Amethi News: होम ट्यूटर बनाने के नाम पर 40 लाख की ठगी कर कंपनी फरार

Sun, 05 May 2024 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी सिटी। शिक्षा को बढ़ावा देने के नाम पर गृह शिक्षक (होम ट्यूटर) की नौकरी के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि एक निजी कंपनी ने एक हजार लोगों से चार-चार हजार रुपये लेकर फरार हो गई। पीड़ितों को ठगी का जब एहसास हुआ तब तक देर हो चुकी थी। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थाने में तहरीर भी दी है।
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मामला गौरीगंज का है। वार्ड नंबर 24 के राजकुमार, राधे, लोधनपुरवा के संतोष, दीपक, श्याम सुंदर, जायस के शिवबरन व संतोष सिंह आदि शनिवार की दोपहर गौरीगंज कोतवाली के पास खड़े एक प्रार्थना पत्र तैयार कर रहे थे।

लोगों का आरोप है कि नौ माह पहले कुछ लोगों ने गौरीगंज में ही एक कंपनी खोली थी। कंपनी वालों ने दावा किया कि वह हर घर नि:शुल्क शिक्षा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। गृह शिक्षक के माध्यम से बच्चों को फ्री शिक्षा व लोगों को लाभ पहुंचाने का काम किया जा रहा है। इन्हीं लुभावने दावों में तमाम लोग फंस गए। कई लोगों से छोटी-छोटी पूंजी लेकर कंपनी लाखों रुपये लेकर भाग गई।
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पीड़ितों ने बताया कि एक हजार लोगों से चार-चार हजार रुपये की वसूली रजिस्ट्रेशन शुल्क के तौर पर की गई। पीड़ितों ने दावा किया है कि वह पुलिस के पास जाकर एफआईआर लिखाएंगे। इंस्पेक्टर शिवाकांत त्रिपाठी का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।




ऐसे जाल में फंसाती थी कंपनी

पीड़ितों का दावा है कि कंपनी से जुड़ने के लिए 4000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी के रूप में 3600 रुपये कंपनी के लोगों के एक बैंक खाते में जमा करनी होती थी। इतना धन देने के बाद आप कंपनी के सदस्य बन जाते। उन्हें गृह शिक्षक बनाकर अपने घर या पड़ोस के किसी एक बच्चे को ट्यूशन पढ़ानी की जिम्मेदारी दी जाती थी।
उसके बदले कंपनी हर माह आठ सौ रुपये देती। सिक्योरिटी की धनराशि भी छह माह में दो बार में वापस हो जाते थे। तीन से 10 साल तक के बच्चों को पढ़ाना था। छह माह बाद कंपनी सदस्य तीन और बच्चे पढ़ाने की जिम्मेदारी देती। जिससे सदस्य की आमदनी बढ़कर 3200 रुपये हो जाती थी। एक साल बाद उसी सदस्य को 10 बच्चे पढ़ाने के एवज में आठ हजार प्रति माह मिलने लगते। इन्हीं दावों के साथ कंपनी ने लोगों को लालच में फांस कर लाखों की ठगी कर ली। इससे तमाम महिलाएं भी ठगी का शिकार बनी हैं।




कंपनी के ये भी थे दावे

ठगी का शिकार हुए एक युवक ने बताया कि कंपनी दावा करती थी, कि यदि कोई पढ़ी लिखी लड़की सदस्य बनती और उसके स्वयं की शादी होती तो उसे 21 हजार अनुदान दिया जाता। यदि ऐसी सदस्य महिला की डिलीवरी होती है तो उसे 11 हजार रुपये खानपान के लिए कंपनी द्वारा दिया जाता। इन दावों से लोगों को लुभा कर ठगी की गई है।





जिसके आवास में रहते थे, उसी के खाते में लेते थे रुपये



पीड़ितों का कहना है कि जिस मकान में रहते थे और आफिस बनाया था। उसी परिवार के एक सदस्य के नाम खाता था। जिसमें कंपनी के लोग पैसा लेते थे। ऑन लाइन पेमेंट भी इसी खाते में जाता था। खाता धारक कंपनी वालों से मिला था अथवा कंपनी वालों ने इसको भी धोखा दिया, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा।
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