अमेठी सिटी। कई समितियों व इफको केंद्रों पर यूरिया नहीं है। खाद के लिए किसान भटक रहे हैं। निजी दुकानदार किसानों को शोषण कर रहे हैं तो तहसील मुख्यालय स्थित बड़े इफको केंद्रों पर कतार लग रही है।
यूरिया का संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। संग्रामपुर स्थित इफको केंद्र पर कई दिनों से यूरिया नहीं है। यहां पर ताला लटक रहा है। गोरखापुर साधन सहकारी समिति का भी यही हाल है। किसान रामअचल तिवारी, बृजेश शुक्ल, राम अवध आदि ने बताया कि यूरिया के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। निजी दुकानों पर सल्फर व जिंक के साथ दुकानदार यूरिया लेने को मजबूर कर रहे हैं। वहीं गड़ेरी साधन सहकारी समिति पर सोमवार को यूरिया पहुंचने के बाद वितरण किया जा रहा है।
जिला मुख्यालय स्थित इफको केंद्र गौरीगंज में मंगलवार को 1200 बोरी यूरिया पहुंची थी। पूरबगांव निवासी अनीता ने बताया कि आनापुर, जगदीशपुर साधन सहकारी समिति में गईं, लेकिन वहां पर यूरिया नहीं मिली। यहां पर सुबह 10 बजे से लाइन में लगने के बाद 12 बजे यूरिया मिल पाई। किसान आलोक कुमार ने बताया कि वह ताला समिति पर यूरिया के लिए गए थे, लेकिन वहां नहीं मिल पाई। यहां पर आज यूरिया मिल पाई।
संभावा निवासी पूजा देवी ने बताया कि बाबूपुर समिति में यूरिया नहीं मिलने से उन्हें गौरीगंज तक दौड़ लगानी पड़ी। बताया कि निजी दुकानों पर दुकानदार एक बोरी यूरिया के साथ जिंक व सल्फर जबरन दे रहे हैं। किसान सुरेंद्र कुमार, राजकुमार, राजेंद्र प्रसाद, राम शंकर आदि ने बताया कि यूरिया के लिए कई दिनों से चक्कर काट रहे थे। यूरिया यहां खतौनी पर आसानी से मिल गई। कहा कि समितियों पर भी यूरिया उपलब्ध कराई जानी चाहिए, जिससे किसानों को आसानी से मिल सके।
सहकारिता आयुक्त अरविंद कुमार ने बताया कि कि यूरिया की मांग कम है। जिन समितियों पर यूरिया की मांग की जा रही है, वहां उपलब्ध कराई जा रही है।