बूंदाबांदी के बाद बढ़ी ठंड के बाद अलाव तापते लोग।
- फोटो : बूंदाबांदी के बाद बढ़ी ठंड के बाद अलाव तापते लोग।
अमेठी सिटी। लगातार तीन दिन तक खिली धूप से मिली राहत के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट ली। बुधवार को सुबह से ही बादल छा गए और तिलोई व जगदीशपुर सहित कई इलाकों में बूंदाबांदी शुरू हो गई। सर्द हवा के चलने से ठंड में इजाफा हुआ।
मौसम में अचानक बदलाव से बुजुर्ग और बच्चे अधिक प्रभावित नजर आए। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 2.5 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, दिशा उत्तर-पूर्वी रही। जिले में चार मिलीमीटर वर्षा हुई। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे तक हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। हवा की दिशा पश्चिमी रह सकती है। मौसम में आए इस बदलाव से ठंड का असर और तेज हो गया है। लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। आने वाले एक-दो दिन तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है।
फसलों के लिए फायदेमंद बूंदाबांदी
बूंदाबांदी और हल्की बारिश रबी फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र कठौरा के वैज्ञानिक लाल पंकज सिंह के अनुसार यह वर्षा गेहूं और सरसों की फसलों के लिए प्राकृतिक सिंचाई के समान है। खेतों में नमी बढ़ने से जड़ों का विकास बेहतर होता है, जिससे पौधे पोषक तत्वों का समुचित अवशोषण कर पाते हैं। वर्तमान समय में गेहूं की फसल में कल्ले निकलने और बाली बनने की अवस्था चल रही है। ऐसे में यह नमी उत्पादन बढ़ाने में सहायक मानी जाती है। दलहनी फसलों में फूल और फल बनने की प्रक्रिया को भी इससे मजबूती मिलती है।
सेहत पर असर, सावधानी बरतने की सलाह
मौसम में अचानक आए बदलाव से लोगों की सेहत पर असर दिखाई देने लगा है। ठंडी हवा और बढ़ी नमी के कारण सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायतें बढ़ रही हैं। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग अधिक प्रभावित हो सकते हैं। सुबह और रात के समय ठंड से बचाव जरूरी है।