मुसाफिरखाना (अमेठी)। एसडीएम कोर्ट में सोमवार को दो अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी हो गई। एसडीएम ने कोर्ट की कार्रवाई बंद करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने अधिवक्ताओं को समझाया। बाद में बार एसोसिएशन की बैठक में घटना की निंदा करते हुए नोटिस जारी करने का फैसला लिया है। तहसील की तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार की कोर्ट भी बंद कर अगली तारीख नियत कर दी।
सोमवार को उपजिलाधिकारी सविता यादव कोर्ट में थीं। धारा 24 के तहत सुनील बनाम ग्राम सभा जलालपुर तिवारी के मामले में सुनवाई चल रही थी। इसी मुकदमे में सुनवाई के दौरान वकीलों के बीच आपस में कहासुनी शुरू हो गई। जानकारी होने पर अन्य अधिवक्ता भी कोर्ट में पहुंच गए। मामला बढ़ता देख एसडीएम कोर्ट से बाहर निकल गई। एसडीएम ने पुलिस को बुलवा लिया। कोतवाल विनोद कुमार सिंह ने अधिवक्ताओं को समझा बुझाकर कर न्यायालय से बाहर किया। अधिवक्ता अपने अपने स्थान पर चले गए।
मामले को संज्ञान में लेकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिंदेश्वरी प्रसाद मिश्र की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं की एक बैठक हुई। बैठक घटना को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। बार अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में नोटिस जारी की जा रही है।
एसडीएम सविता यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। तभी अधिवक्ता आपस में बहस करने लगे। एसडीएम कोर्ट बंद होने पर तहसील की अन्य कोर्ट भी बंद कर दी गई। नायब तहसीलदार के सारे मुकदमों की अगली 21 नवंबर को तथा तहसीलदार की कोर्ट के सभी मुकदमों की सुनवाई की तिथि 28 नवंबर को नियत की गई है।