रविवार सुबह चंद कुमार का शव जगदीशपुर-प्रतापगढ़ हाईवे स्थित एक वाशिंग सेंटर के पास गड्ढे में मिला था। भाई दद्दन की तहरीर पर केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान चंद कुमार के साथ दिखाई दे रहे विशाल पर शक हुआ। पहचान के बाद पुलिस ने सोमवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में विशाल ने बताया कि रविवार को दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। इस बीच चंद कुमार ने उधार दिए एक हजार रुपये वापस मांगे तो झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर नुकीली ईंट से उसके गले पर वार कर दिया। खून से लथपथ चंद कुमार जमीन पर गिर तड़पता रहा। विशाल वहीं खड़ा रहा और उसकी मौत होने तक देखता रहा।
अगर मिल जाती मदद, तो बच सकती थी जान
विशाल की बर्बरता के बावजूद अगर वक्त रहते चंद कुमार को मदद मिल जाती, तो उसकी जान बच सकती थी। अफसोस कि हमेशा साथ निभाने वाला दोस्त ही उसकी मौत की वजह बन गया और परिवार को हमेशा के लिए दर्द दे गया।
आरोपी ने कबूला जुर्म, भेजा गया जेल
इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि विशाल कनौजिया को सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने एक हजार रुपये की उधारी को लेकर हत्या की बात स्वीकारी। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।