सिंहपुर (अमेठी)। मनरेगा व पीएम आवास योजना की हकीकत परखने के लिए दो सदस्यीय केंद्रीय टीम ब्लॉक मुख्यालय पहुंची। ब्लॉक कर्मियों के साथ टीम ने कई गांवों में जाकर स्थलीय निरीक्षण किया। परीक्षण के दौरान अभिलेख अपूर्ण मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी फटकार भी लगाई।
पंचायतों में मनरेगा योजना के कराए गए कार्यों तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित लाभार्थियों के आवास निर्माण की हकीकत जांचने के लिए बृहस्पतिवार को नेशनल लेवल मॉनिटरिंग की दो सदस्यीय टीम में शामिल सुरेंद्र कुमार सिंह व जन्मेजय सिंह ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। टीम सदस्य ब्लॉक कर्मियों के साथ विकास क्षेत्र के गांव खारा, अहमदाबाद पिपरी, टिकरी व मेहमानपुर गांव गए।
टीम ने पहले मनरेगा से जुड़े कार्यों को देखकर संबंधित अभिलेख मांगा। मौजूद कर्मी ने रजिस्टर तो दिया लेकिन जांच करने पर अधिकांश कॉलम अपूर्ण मिले। पांच जॉब कार्ड धारकों से जॉब कार्ड पर चढ़ी मजदूरी का के बारे में जानकारी कर रोजगार रजिस्टर व पासबुक से प्राप्त मजदूरी का सत्यापन किया। इसके बाद गांव में मनरेगा योजना द्वारा कराए गए पांच कार्यों (तीन इंटरलॉकिंग और दो तालाबों) तथा पांच पीएम आवास का भौतिक सत्यापन किया।
खारा ग्राम पंचायत के बाद अहमदाबाद पिपरी का दौरा किया जहां पंचायत भवन की दयनीय स्थिति देख टीम ने अभिलेखीय सत्यापन कर वहां भी पांच मनरेगा कार्यों की अभिलेखीय जांच के साथ ही तीन इंटरलॉकिंग और दो तालाबों का निरीक्षण किया। इसके बाद टिकरी गांव के बाद 2022 में मनरेगा योजना में सर्वाधिक डेढ़ करोड़ का बजट खर्च करने वाली ग्राम पंचायत मेहमानपुर के पंचायत भवन पर अभिलेखीय सत्यापन किया।
सत्यापन के समय संबंधित गांवों के ग्राम रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक, सचिव तथा ग्राम प्रधान मौजूद रहे। सत्यापन के दौरान अधिकांश गांवों में अभिलेख अपूर्ण मिलने पर टीम ने उसे पूर्ण करने का निर्देश दिया।