गौरीगंज तहसील सभागार में सुनवाई करती उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य। -स
अमेठी सिटी। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है, यहां अपराध स्वीकार नहीं है। जनता के हितों की अनदेखी करने वाले संबंधित अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। ये बातें बृहस्पतिवार को गौरीगंज तहसील सभागार में महिला उत्पीड़न संबंधी मामलों की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहीं। उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए, उसका त्वरित निस्तारण करने की पहल की जाए।
गौरीगंज तहसील में पीपरपुर से आईं मारपीट में घायल रेखा ने बताया कि तीन दिन पहले विपक्षियों ने धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया है। अस्पताल में किसी चिकित्सक ने उपचार न कर वार्ड बॉय ने मरहम पट्टी की। मेडिकल रिपोर्ट की कोई जानकारी भी नहीं दी गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामूली धाराओं में केस दर्ज किया है। इस पर डॉ. प्रियंका ने मौजूद स्वास्थ्य व पुलिस विभाग के अफसरों को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया।
फातिमा बानो ने बताया कि ससुरालीजन दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते हैं। पति ने दूसरी शादी कर ली है। एक बच्चा है। शिकायत के बावजूद न्याय नहीं मिल पा रहा है। वहीं गौरीगंज की पीड़िता कीर्ति ने बताया कि पति से मुकदमा चल रहा है। 14 दिन हो गए, तीन वर्षीय बेटी को पति लेकर चले गए हैं। जबकि बेटी की सुपुर्दगी न्यायालय से उनके पास है। कोतवाली और पुलिस अधीक्षक से बेटी को दिलाए जाने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके साथ ही कई अन्य मामलों की सुनवाई करते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य ने अफसरों से कहा कि सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल निस्तारण कराया जाए। राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बाजारशुकुल कस्तूरबा आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण कर बच्चों से पढ़ाई व अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही महिमापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित चौपाल में महिलाओं की समस्या को सुनने के साथ ही पेंशन, आवास आदि से संबंधी आवेदन लिए गए।
वहीं कार्यक्रम के दौरान पांच गर्भवती की गोदभराई की रस्म के साथ ही बच्चों को रामदाना आदि वितरित किया। बिहार के मुख्यमंत्री ने मुस्लिम महिला का नकाब उठाने के सवाल पर डॉ. प्रियंका मौर्य ने कहा कि इस मामले में महिला को अपना पक्ष व मुख्यमंत्री को बयान जारी करना चाहिए। इस दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट सात्विक श्रीवास्तव, तहसीलदार सूरज प्रताप आदि मौजूद रहे।