अमेठी सिटी। कमरौली पुलिस की जल्दबाजी का शिकार दृष्टिबाधित हो गया। आठ फरवरी को एक शिकायती पत्र पर बिना जांच किए पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। दर्ज केस में शामिल एक नामजद दृष्टि बाधित है। इसका खुलासा होते ही चर्चा शुरू हो गई। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अब बैकफुट पर आते हुए मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का दावा कर रही है। कमरौली थाने के रजखेता निवासी देवराज गंभीर रूप से घायल हो कर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में उपचार के बाद डाॅक्टरों ने रेफर किया तो देवराज ने गांव के अर्जुन, श्यामलाल, छोटेलाल व ममता के खिलाफ घर जाते समय लाठी-डंडों से पिटाई करने का आरोप लगा तहरीर दी।
पुलिस ने देवराज की तहरीर पर बिना जांच किए केस दर्ज कर लिया। इसके बाद मामला सार्वजनिक होने पर दोनों आंख से दृष्टिबाधित निशक्त छोटेलाल ने सफाई दी। छोटेलाल का कहना है कि उसके दोनों आंखों में रोशनी नहीं है। सीएमओ कार्यालय सुल्तानपुर से दृष्टिबाधित का प्रमाण पत्र भी जारी है। पुलिस की कार्यशैली चर्चा में आ गई।
एसओ अभिनेष कुमार ने बताया कि घटना के दिन वह बाहर थे। पीड़ित की तहरीर पर चार पर केस दर्ज किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच हो रही है। जांच में छोटेलाल के दृष्टिबाधित होने की पुष्टि के बाद नियमानुसार उसका नाम दर्ज केस से बाहर किया जाएगा।