अमेठी सिटी। जिले के पीपरपुर थाने में गुणवत्ता विहीन सरकारी निर्माण और सरकारी धन की अनियमितता के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है। भादर के सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने मुकदमा भेटुआ ब्लाॅक के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी और तत्कालीन प्रधान ललिता देवी के खिलाफ दर्ज कराया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मूलत: आंबेडकर नगर के बसखारी निवासी व रामगंज इलाके के भादर निवासी सहायक विकास अधिकारी पंचायत गुलाबचंद ने पीरपुर थाने में तहरीर देकर तीन जून को मुकदमा दर्ज कराया है। तहरीर में कहा है कि भादर इलाके के खानपुर निवासी विनोद कुमार मिश्र ने शिकायत की थी कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2016-17 में निर्माण कराए शौचालयों में अनियमितता की गई है।
शौचालय निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकारी धन को चूना लगाया गया। साथ ही इन शौचालयों की धनराशि पात्र लोगों के खातों में न भेजकर दूसरों के खातों में गलत ढंग से भेजी गई है। इस मामले में अनियमितता का आरोप गांव की तत्कालीन ग्राम प्रधान ललिता देवी व तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी भुटुआ दिलीप कुमार पर लगाया गया था।
इसकी उच्च स्तरीय जांच में गड़बड़िया मिलीं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर भादर के सहायक विकास अधिकारी पंचायत गुलाबचंद ने पीपरपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पात्रों के बजाय अपनों के खातों में भेजी रकम
मुकदमें के वादी गुलाबचंद बताते हैं कि इस शौचालय निर्माण में गुणवत्ता विहीन सामग्री इस्तेमाल की गई। साथ ही शौचालयों की धनराशि पात्रों के खातों में न भेजकर दूसरों के खातों में भेजी गई। बताते हैं कि चेक के माध्यम से भारी भरकम रकम ग्राम प्रधान के पिता जगदेव के खाते में लाखों रुपये भेजे गए। इसके अलावा प्रदीप कुमार यादव, फिरोज अहमद, अरविंद कुमार, हरीश कुमार, मो. अबिस आदि के खातों में भेजी गई है।