अमेठी सिटी। सड़क निर्माण में अनियमितता बरतना कार्यदायी संस्था को भारी पड़ गया। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने कार्यदायी संस्था के अनुबंध को निरस्त करते हुए उसे डिबार करने की संस्तुति की थी। इस मामले में अब विभाग के अवर अभियंता ने ठेकेदार के खिलाफ अमेठी कोतवाली में केस दर्ज करवाया है।
नाबार्ड आरआईडीएफ योजना के तहत अमेठी तहसील क्षेत्र के गुंगवाछ से मड़ौली होते हुए कमासिन पंडित का पुरवा तक एक करोड़ 16 लाख 10 हजार रुपये की लागत से 700 मीटर सड़क के निर्माण को मंजूरी मिली थी। मंजूरी के बाद लोक निर्माण विभाग ने निविदा प्रक्रिया से सुल्तानपुर जिले के सोहगौली के मेसर्स सुपर कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोपराइटर अखिलेश पांडेय को कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। नामित संस्था ने 25 अक्तूबर को मार्ग पर लेपन कार्य किया था। लेपन कार्य पूरा होते ही ग्रामीण सड़क पर आ गए थे। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।
सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए 24 घंटे में ही उखड़ने लगी निर्माणाधीन सड़क शीर्षक से खबर भी प्रकाशित की थी। जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने जांच करवाई, तो आरोप सही पाए गए। उसके बाद विभाग ने कार्यदायी सस्था के कार्य को बीच में रुकवा दिया। साथ ही अनुबंध को निरस्त करते हुए मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था को डिबार (प्रतिबंधित) करने की संस्तुति की थी।
इससे संबंधित खबर भी अमर उजाला में अनियमितता की भेंट चढ़ी 1.16 करोड़ से बनी सड़क शीर्षक से प्रकाशित हुई थी। उसके बाद अवर अभियंता पतिराम ने अमेठी थाने में ठेकेदार अखिलेश पांडेय के विरुद्ध केस दर्ज करवाया है। एसएचओ बृजेश सिंह ने केस दर्ज करने की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के बाद मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।