अमेठी सिटी। जामो ब्लाॅक के सूखी बाजगढ़ ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए गए कार्याें में धन गबन का मामला प्रकाश में आया है। इस गंभीर मामले को लेकर बीडीओ ने तत्कालीन महिला ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव सहित तीन लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया है। धन में की गई हेराफेरी की जांच गौरीगंज विधायक की शिकायत पर हुई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू करा दी है।
गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह ने जामो ब्लाॅक के सूखीबाजगढ़ गांव में मनरेगा के तहत कराए गए 10 वर्षों के कार्यों की जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद एक टीम गठित कर साल 2013-14 से 2023-24 तक के मनरेगा कार्यों की जांच हुई थी। जांच में मनरेगा के छह कार्यों में वित्तीय अनियमितता प्रकाश में आई। जांच में पता चला कि इस बीच लाखों रुपये सरकारी धन का बंदर बांट कर लिया गया।
इस मामले में जामो ब्लाॅक के बीडीओ विजयंत कुमार सिंह ने तत्कालीन ग्राम प्रधान सविता सिंह, तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी रामकुमार व तत्कालीन तकनीकी सहायक रावेंद्र कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ जामो थाने में तहरीर दी। पुलिस ने शनिवार को इस मामले में दी गई तहरीर के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।
इंस्पेक्टर विनोद कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जांच कर गुणदोष के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में प्रश्न उठाया गया था
इस ग्राम पंचायत में सरकारी कार्यों में गड़बड़ी का मामला प्रकाश में आने पर विधान सभा में प्रश्न उठाया गया था। उसी के आधार पर जांच हुई। जांच में मामला सही पाया गया। इसी वजह से बीडीओ ने एफआईआर कराई है।
राकेश प्रताप सिंह, विधायक, गौरीगंज