गौरीगंज (अमेठी)। लॉकडाउन अवधि में गैर प्रांत से आए प्रवासी श्रमिकों के साथ जिले में फंसे दूसरे प्रांतों के श्रमिकों को राशन की परेशानी नहीं होगी। शासन के निर्देश पर 40,518 प्रवासी श्रमिकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन तो जिले में फंसे दूसरे प्रांतों के 1,832 श्रमिकों को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत चयनित किया गया है। सभी को जून माह में राशन मिलेगा।
कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिए घोषित लॉकडाउन में लोगों को परेशानी से बचाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लॉकडाउन अवधि में गैर प्रांत से आए प्रवासी श्रमिक के साथ गैर प्रांत के कई श्रमिक जिले में निवास कर रहे हैं। ऐसे लोगों को राशन की परेशानी नहीं हो इसके लिए शासन के निर्देश पर पूर्ति विभाग ने 42,350 श्रमिकों को चिन्हित किया है। चिन्हित श्रमिकों में 40,518 प्रवासी श्रमिकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन कार्यक्रम के तहत स्थाई राशन कार्ड तो 1,832 श्रमिकों को आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत अस्थाई राशन कार्ड निर्गत किया है।
सभी के राशन कार्ड निर्गत करने के बाद जून माह में उन्हें राशन मिल सके इसके लिए संबंधित कोटेदारों को राशन की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए शासन के निर्देशों के अनुसार कोटे की दुकान से वितरण कराया जा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी संजय कुमार ने 42,350 प्रवासी/अवरुद्ध श्रमिकों को नियमानुसार राशन कार्ड जारी करने की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी को राशन दिलाया जा रहा है। प्रवासी श्रमिकों को राशन प्राप्त होने में कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए क्रास चेकिंग के साथ नियमित निगरानी की जा रही है। प्रवासी श्रमिकों को राशन वितरित नहीं करने की दशा में संबंधित कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पूर्ति अधिकारी ने बताया कि जिले में राशन की कमी से कोई भी परेशान नहीं होगा इसके लिए सूचना मिलते ही आवश्यक कार्रवाई कर राशन दिलाया जा रहा है।