अमेठी सिटी। होली के बाद अपने काम पर लौटने वालों का सिलसिला जोरों पर है। जिन लोगों का ट्रेन का टिकट कंफर्म नहीं है उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। महानगरों को जाने वालीं ट्रेनों में तीन दिन तक नो रूम की स्थिति बनी है। टिकट वेटिंग का आंकड़ा 150-200 के बीच चल रहा है। नई दिल्ली, मुंबई, जयपुर व पंजाब जाने वालीं ट्रेनों में 15 अप्रैल तक आरक्षित सीटों की वेटिंग लिस्ट लंबी हैं। अगले सप्ताह तक विभिन्न स्थानों की ओर जाने वालीं ट्रेनों में सीटें फुल हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग है। रविवार को गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर तत्काल कोटे का टिकट बुक नहीं हो पाने से निराश गौरीपुर गांव निवासी रामकरन ने बताया कि मुंबई जाना है। उद्योग नगरी के साथ लखनऊ के जाने वाले किसी ट्रेन में टिकट नहीं मिल पा रहा है। तत्काल के लिए रात से लाइन लगाई लेकिन तीसरा नंबर मिला और टिकट नहीं बुक हो सका। राघीपुर निवासी सुधीर ने बताया कि दिल्ली का तत्काल टिकट बुक करवाने आए थे लेकिन नंबर आने तक वेटिंग होगी। राम प्रकाश, सजीव सिंह, विकास मौर्य पंजाब का टिकट बुक करवाने आए थे। टिकट नहीं मिला तो निराश होकर लौटना पड़ा।
जुडियापुर निवासी भगवानदीन ने बताया कि टिकट नहीं मिल पा रहा है। इसलिए जनरल बोगी में सफर करना मजबूरी है। शिवराम ने बताया कि दिल्ली से होली का त्योहार मनाने आए थे। उन्होंने बताया कि दो दिन तक आरक्षण काउंटर पर टिकट के लिए नंबर लगाया था। इसके बाद भी कंफर्म नहीं मिला।
इन ट्रेनों में लंबी वेटिंग
लखनऊ-प्रतापगढ़-वाराणसी रेन ट्रैक से दिल्ली जाने वाली माल्दा टाउन एक्सप्रेस, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस व पद्मावत एक्सप्रेस में चार दिन तक वेटिंग चल रही है। उद्योग नगरी में 15 अप्रैल तक वेटिंग का आंकड़ा 182 पार है। पंजाब मेल में भी तीन दिन तक नो रुम तो उसके बाद लंबी वेटिंग है। भोपाल-प्रतापगढ़, अर्चना एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है। इतना ही इन दिनों इंटरसिटी व लखनऊ-प्रयागराज संगम एक्सप्रेस में भी साधारण डिब्बों में यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है।
तत्काल में पांच-छह लोगों को ही मिल रहा टिकट
लोग एक दिन पहले से आरक्षण केंद्र पर नंबर लगा रहे हैं। प्रतिदिन एसी में करीब सात से दस तो स्लीपर में 15=20 फाॅर्म दिए जा रहे हैं। इसमें से एसी में दो-तीन तो स्लीपर में पांच-छह लोगों को ही तत्काल टिकट मिल पा रहा है। इस समय ट्रेनों में सीटें फुल हैं। यह स्थिति लगभग एक सप्ताह तक बनी रहेगी।
प्रवीण सिंह- स्टेशन अधीक्षक