इन्हौना (अमेठी)। सड़क हादसे में चचेरे भाई सर्वेश व सूरज और गांव के ही कमलेश की मौत के बाद हर किसी के मुंह पर एक ही बात थी कि बाइक रोककर सड़क किनारे न रुकते तो शायद परिवार को यह दुखभरा दिन नहीं देखना पड़ता। परिजन भी निमंत्रण में जाने से रोकने की बात कहते हुए बिलख रहे हैं।
सर्वेश की मां शैलकुमारी रोते हुए सिर्फ एक ही बात कह रही थीं कि भैया न्यौता खाए गए रहिन, इ का हुई गवा भगवान। पता होता तो न्यौता जाने नहीं देतीं। सूरज की मां रीता देवी रोते हुए कहतीं कि मना किए थे कि भैया न जा, लेकिन हमरे भैया नहीं माने। अब का करी भगवान, कहां मिलहें हमरे लाल। सर्वेश के पिता रमेश बेसुध हो गए। हर किसी के सीने से लगकर सिर्फ यही बोलते हैं, भैया अब का करी। छोटा भाई प्रवेश व बहन सोनम सर्वेश की मौत से बिलख रहे हैं।
सूरज के पिता राजेंद्र सऊदी अरब में नौकरी करते हैं, भाई करन व यश का भी रो-रोकर बुरा हाल है। करन ने बताया कि मामले की जानकारी पिता को दी गई है। गांव के ही मृतक कमलेश की मां शीला सूचना के बाद बेहोश हैं। जब भी होश आता तो कमलेश का नाम लेकर पुकारतीं। कहती हैं कि भैया का बुलाए दिया। शीला के सवालों का जवाब देने की बजाय महिलाएं उन्हें चुप कराने की कोशिश तो करतीं, लेकिन मां की करुण वेदना हर किसी की आंख को नम कर देती है। भाई शिवांश व बहन शिवांशी गमगीन हैं। पिता रामकिशोर तो बेटे का शव देख पत्थर की तरह हो गए हैं। उनकी आंखों से सिर्फ आंसू बह रहे हैं।