मोहनगंज के भावापुर मजरे अहुरी गांव गमगीन परिजन व ग्रामीण। स्रोत : स्थानीय
जामों/तिलोई। मोहनगंज के भावापुर मजरे अहुरी गांव निवासी गुड़िया (35) का शव नहर में कूदने के चौथे दिन बृहस्पतिवार को जामों के गोरियाबाद गांव के पास शारदा सहायक खंड-28 नहर में मिला। पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। कपड़ों के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। शव मिलने की सूचना पर परिवार में चीख-पुकार मच गई।
जानकारी के अनुसार गुड़िया सोमवार को पूरे भवन पुल से नहर में कूद गई थी। इसके बाद से पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार उनकी तलाश में जुटे थे। बृहस्पतिवार सुबह गोरियाबाद गांव के पास नहर में महिला का शव बहता देख ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और परिजनों को बुलाया।
पति इसरार ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान पत्नी गुड़िया के रूप में की। इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने बताया कि शव को बाहर निकाल कर कार्रवाई की जा रही है। मोहनगंज थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगातार अभियान चला रहे थे। शव मिलने के बाद खोज अभियान समाप्त कर दिया गया। परिजनों को कोई आरोप नहीं है।
मां की राह देखते रह गए तीनों बच्चे
कपड़ों से शव की पहचान होते ही पति इसरार फूट-फूटकर रो पड़े। बेटा आसिब तथा बेटियां गुलनाज और शबनम मां का शव देखते ही बिलख उठीं। चार दिन तक मां के सकुशल लौटने की आस लगाए बैठे बच्चों की उम्मीद शव मिलने के साथ ही टूट गई। तीनों का रो-रोकर बुरा हाल था। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
ससुराल पक्ष पर पिटाई व प्रताड़ना का आरोप
गुड़िया की मौत के बाद गौरीगंज के सुजानपुर गांव निवासी ननई ने ससुराल पक्ष पर पिटाई और प्रताड़ना का आरोप लगाया। कहा कि उनकी बेटी को ससुराल में लंबे समय से प्रताड़ित किया जाता था और उसकी पिटाई भी की जाती थी। बताया कि 27 जुलाई को गुड़िया पिटाई और प्रताड़ना से परेशान होकर मायके आ रही थी। आरोप है कि रास्ते में उसकी ननद और नंदोई उसे रोककर अपने साथ ले गए। ननई का कहना है कि उन्होंने मोहनगंज पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन सुनवाई न होने पर एसपी को प्रार्थना पत्र दिया है। उधर, प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में अभी तक किसी पक्ष से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।