संग्रामपुर। तीन दिन से लापता करनाईपुर गांव निवासी संजू देवी (40) का शव मंगलवार सुबह खौपुर गांव के पास मालती नदी में लकड़ी के पुल में फंसा मिला। पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला की मौत से परिवार में मातम पसर गया। ग्रामीणों में हत्या कर शव फेंके जाने की चर्चा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतका के छोटे बेटे विवेक कुमार ने बताया कि मां का मनोरोग का उपचार जिला चिकित्सालय गौरीगंज में चल रहा था। 21 अगस्त की रात भोजन करने के बाद परिजन सो गए। 22 अगस्त की सुबह मां चारपाई पर नहीं मिलीं। काफी तलाश के बाद भी जानकारी नहीं मिली तो गुमशुदगी दर्ज कराई गई।
मंगलवार को नदी में शव मिलने की सूचना पर परिवार के लोग पहुंचे। कपड़ों से शव की पहचान संजू देवी के रूप में की गई। सीओ अमेठी मनोज कुमार मिश्र और थाना प्रभारी संजय सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ ने बताया कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। नदी में फिसलकर गिरने और बहाव में लकड़ी के पुल के पास शव फंसने की संभावना सामने आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
संजू देवी की मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। बेटे विवेक का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बड़ा बेटा विशाल भी मां को याद कर बिलखता रहा। सबसे छोटी बेटी महक बार-बार मां को पुकारकर रोती रही। बेटी खुशबू की शादी सात जून 2027 को तय है। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। मां की मौत से खुशबू के शादी के सपनों पर भी दुखों का साया छा गया। पति राजेश कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पत्नी की मौत से उनका भी रो-रोकर बुरा हाल है।