अमेठी कस्बे में सड़क पर खड़ी बाइकें।
अमेठी। शहर में जाम लगना आम बात हो गई है। सुबह से रात तक मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव बना रहता है। बाइपास बनने के बाद भारी वाहनों का प्रवेश बंद है, फिर भी बाजार और चौराहों पर राहत नहीं मिल रही है। शहर में चहुंओर अतिक्रमण के चलते यातायात व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है।
गांधी चौक पर कपड़ा, आभूषण और सजावटी सामान की दुकानों के सामने दिनभर भीड़ रहती है। सड़क किनारे खड़े दोपहिया और चारपहिया वाहन रास्ता संकरा कर देते हैं। इससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है। राजर्षि तिराहा पर फुटपाथ पर फैला सामान और अस्थायी दुकानों से मार्ग बाधित रहता है। सगरा तिराहा पर सुबह विद्यालय समय और दोपहर बाद बाजार की भीड़ से दबाव बढ़ जाता है। अंबेडकर चौराहा पर अक्सर दो वाहन आमने-सामने आ जाने से जाम लग जाता है। कुछ ही मिनटों में लंबी कतार लग जाती है। लोग धूप और धूल में खड़े रहने को मजबूर होते हैं। जाम के कारण व्यापार प्रभावित हो रहा है। एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहन भी कई बार फंस जाते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्थायी पार्किंग की व्यवस्था और सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर सख्ती जरूरी है।
लगातार हो रही कार्रवाई
क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अभियान चल रहा है। नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है। लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है, ताकि रोज लगने वाले जाम से राहत मिल सके।