इंस्पेक्टर रवि कुमार सिंह के मुताबिक, शनिवार शाम डेढ़पसार गांव के पास चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान अन्तू की तरफ से आ रही स्प्लेंडर बाइक पर दो युवक दिखे, जिसकी नंबर प्लेट अधूरी थी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वे भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में बाइक चालक ने अपना नाम मोहम्मद सलमान (32) निवासी ठेंगहा और पीछे बैठे युवक ने नाम प्रीतम वर्मा (25) निवासी भवानीपुर तलिया थाना संग्रामपुर बताया।
बाइक के कागजात मांगे गए, लेकिन वे कुछ भी प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में उन्होंने बताया कि बाइक लगभग 15 दिन पहले एचडीएफसी बैंक, कस्बा अमेठी के पास से चोरी की गई थी। दोनों ने यह भी बताया कि वे चार जिलों से बाइक चुराकर मल्हूपुर स्थित प्रीतम वर्मा की वर्कशॉप में लाते थे, जहां रात के समय ग्राइंडर से उन्हें काटकर पुर्जों में बदलते थे। पुर्जे कबाड़ी की दुकानों पर बेच दिए जाते थे।
पुलिस ने उनकी निशानदेही पर प्रीतम की दुकान से दो और चोरी की बाइक, छह इंजन, पांच टंकी, 10 शॉकर, छह चेसिस, चार इंजन, 10 चेन कवर, छह साइलेंसर, पांच सीट, चार हैंडल और दो मडगार्ड बरामद किए है। साथ ही ग्राइंडर और वेल्डिंग मशीन भी बरामद की है। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
दुकान को बनाया था कटिंग सेंटर
प्रीतम वर्मा की बाइक की मरम्मत की दुकान को कटिंग सेंटर बना रखा था। चोरी की बाइक रात में लाकर काटी जाती थीं और पुर्जे अलग-अलग स्थानों पर बेचे जाते
थे।
गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी
एएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने रविवार को पुलिस कार्यालय में खुलासा करते हुए बताया कि मोहम्मद सलमान पर अमेठी और रायबरेली के थानों में पहले से चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। दोनों आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।