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Amethi News: वर्चस्व की लड़ाई में भरत की हत्या, तीन को दबोचा

Sun, 23 Jul 2023 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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पकड़े गए हत्या आरोपी
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गौरीगंज (अमेठी)। ककवा रोड स्थित क्राॅसिंग पर मंगलवार को हुई युवक की हत्या का पर्दाफाश शनिवार को पुलिस ने किया है। दावा किया है कि भरत की हत्या सिर्फ वर्चस्व की लड़ाई में हुई थी। घटना में शामिल एक नाबालिग समेत तीन को पकड़ा है। इनके पास से तमंचा व कारतूस के साथ घटना में प्रयुक्त बाइक भी बरामद कर ली है।
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घटना में नामजद में सिर्फ दो के ही घटना में शामिल होने की बात कहते हुए पुलिस अभी जांच के बाद अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की बात कह रही है। ब्लाॅक शाहगढ़ के गांव दयाराम पांडेय का पुरवा निवासी राजेश उर्फ हंसराज शुक्ल के पुत्र भरत शुक्ल (20) को मंगलवार को ककवा रोड स्थित रेलवे क्राॅसिंग के पास पहले से मौजूद हमलावरों ने गोली मार दी थी। लखनऊ में उपचार के दौरान भरत की मौत हो गई थी।
पुलिस ने भाई भाष्कर की तहरीर पर आर्य समाज गली निवासी वीरेंद्र यादव (राजू), दीपक यादव उर्फ तेजभान (हरदोई में तैनात सिपाही), बीआरओ आफिस अहिरन टोला निवासी राज पासी, दुर्गापुर रोड पानी की टंकी समीप निवासी पीयूष पांडेय व अन्य अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था।
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पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस सेल की मदद से घटना में तीन लोगों के होने की पुष्टि हुई। शनिवार को मुंशीगंज बाईपास के पास चेकिंग के दौरान बाइक से जा रहे वीरेंद्र यादव (राजू) और इब्राहिमपुर निवासी रवीश सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।

आरोपियों ने स्वीकार की वारदात
एसओ अरुण कुमार द्विवेदी के मुताबिक पकड़े गए वीरेंद्र यादव ने बताया कि भरत शुक्ल (मृतक) व भाष्कर ने मिलकर उसकी पिटाई की थी। 18 जुलाई को दोबारा कहासुनी हुई थी। इसके बाद दोनों की हत्या करने की योजना बनाई गई। मंगलवार को भरत शुक्ल को बाइक से बाजार जाते देखकर लोगों को योजनाबद्ध तरीके से रवीश की बाइक से पीछा किया। रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से मौका भी मिल गया। पैदल बाइक समेत निकल रहे भरत को गोली मारने के बाद तमंचा सेपियन स्कूल रेलवे क्राॅसिंग के पहले झाड़ी में फेंक दिया और बाइक की चाबी एक परिचित को देते हुए घर पहुंचाने की बात कहते हुए वह लोग मौके से भाग निकले।
मां ने कसम देकर रोका, नहीं माना वीरेंद्र
भरत से चल रहे विवाद के बाद वर्चस्व में हत्या करने की कोशिश में जुटे वीरेंद्र को जब पता चला कि भरत बाइक से बाजार में मौजूद है, तो घर से तमंचा लेकर निकला। पुत्र को तमंचा लेकर जाते देख मां ने पूछा। वीरेंद्र ने हत्या करने की बात कही तो मां मना करने लगी। मां ने बेटे को कसम तक दी लेकिन वह नहीं माना। घर से निकल गया और भरत की हत्या कर दी। वीरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद उर्मिला थाने में रोते हुए अपनी पीड़ा बयान कर रही थी।


सवालों में कारगुजारी
भरत शुक्ल की हत्या में वीरेंद्र यादव व रवीश कुमार तथा एक नाबालिग के शामिल होने की बात कही गई। लोगों के बीच नामजद दीपक यादव (हरदोई पुलिस लाइन में तैनात) को घटना के दिन हिरासत में लेने व छोड़ने की चर्चा लोगों के बीच आम रही। घटना में नामजद अन्य की भूमिका को लेकर पुलिस की ओर से जानकारी नहीं देने पर सवाल खड़े कर रहे हैं।


अभी चल रही जांच
घटना के आस-पास मौजूद सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व सर्विंलास सेल की मदद से भरत शुक्ल हत्या में सिर्फ वीरेंद्र यादव के साथ नामजद नहीं रवीश कुमार के भूमिका की पुष्टि हुई है। घटना में नाबालिग भी शामिल था। अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका पर अभी जांच की जा रही है।
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अरुण कुमार द्विवेदी-एसएचओ
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