अमेठी सिटी। भेटुआ के सेमरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को कथावाचक साध्वी राधिका किशोरी ने कहा कि भाग्यशाली लोग ही श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर पाते हैं। कथा सुनने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
साध्वी राधिका किशोरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन है। यह मनुष्य को जीने और मरने की कला सिखाती है। परमात्मा ने जीवन दिया है, परंतु उसे सही दिशा सत्संग से मिलती है। उन्होंने कहा कि सत्संग मनुष्य के जीवन का आधार है, क्योंकि यह अध्यात्म को व्यवहार में उतरने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का कर्तव्य क्या है, यह समझ भागवत कथा से ही मिलती है। जो निष्काम भाव से प्रभु का स्मरण करते हैं, वे अपने जन्म और मरण दोनों सुधार लेते हैं। कहा कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें कर्म निष्काम हो। इस अवसर पर मुख्य यजमान श्यामकरन सिंह, सरस्वती सिंह, संजय सिंह, रामकुमार सिंह, बजरंग बहादुर यादव, एडवोकेट रवि यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जयेश यादव, रवि सिंह, राकेश सिंह और राजबहादुर आदि उपस्थित रहे।