जामों। श्रीमद्भागवत कथा महापुराण कल्पवृक्ष के समान है। यह मनुष्य की सारी इच्छाओं को पूरा करके परिवार को सुखमय जीवन प्रदान करती है। ये बातें हरगांव बाजार में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन शुक्रवार को अयोध्या धाम से आए प्रवाचक आचार्य दिनकर महाराज ने कहीं।
प्रवाचक ने बताया कि भगवान अपने भक्तों के विकास एवं कल्याण के लिए ही सोचते हैं, बशर्ते उनकाे पूरे मनोयोग से याद करने की जरूरत होती है। कथा स्थल तीर्थ स्थल बन जाता है। मनुष्य को अपने आसपास आयोजित होने वाली कथा को सुनने अवश्य जाना चाहिए। कथा श्रवण करने पर कई तीर्थ स्थानों पर जाने का फल अपने आप मिल जाता है।
प्रवाचक ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा एक ग्रंथ ही नहीं बल्कि मनुष्य जीवन को सही दिशा प्रदान कर अध्यात्म की तरफ बढ़ाने वाला मार्ग है। इस मौके पर मुख्य यजमान अमित कुमार श्रीवास्तव, उनकी पत्नी कुसुमलता, बाबा सिद्धादास मंदिर के महंत रेखादास, कालिका प्रसाद शुक्ल, लालबहादुर, आनंद सिंह, बबलू पांडेय, सौरभ पांडेय आदि मौजूद रहे।