अमेठी। शहरी क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के जरूरतमंदों की लंबी कतार है। योजना का पोर्टल नवंबर 2022 से बंद होने से अधिकारी आवेदकों के पात्रता का सत्यापन नहीं कर पा रहे हैं। आवेदक आवास के लिए विभाग का चक्कर काट रहे हैं। अब त 7,676 लाभार्थियों के आवास स्वीकृत हो चुके हैं।
जिले में गौरीगंज और जायस नगर पालिका और अमेठी व मुसाफिरखाना नगर पंचायत क्षेत्र है। शहरी क्षेत्र में आवास उपलब्ध कराए जाने को लेकर वर्ष 2017-18 वित्तीय वर्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना का संचालन हुआ। तब से अब तक नगर पंचायत अमेठी में 808 आवास स्वीकृत हुए। जिसमें से 720 आवास पूर्ण हो गए हैं। वहीं नगर पंचायत मुसाफिरखाना में स्वीकृत 134 के सापेक्ष 121 आवास पूर्ण हो चुके हैं।
गौरीगंज नगर पालिका क्षेत्र में स्वीकृत 2,672 के सापेक्ष 2,251 आवास तो जायस नगर पालिका क्षेत्र में स्वीकृत 4,062 के सापेक्ष 1,831 प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं। आवेदक संबंधित नगर निकाय व डूडा के दफ्तर का चक्कर काट रहे हैं। उन्हें सिर्फ पोर्टल बंद होने की जानकारी दी जा रही है। उनका सत्यापन नहीं हो पा रहा है। जिस वजह से लाभार्थियों की किस्त रुकी हुई है।
कब दूर होगी समस्या
शहर निवासी उर्मिला कनौजिया ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व आवास के लिए आवेदन किया था। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। दिव्या देवी ने बताया कि उन्होंने आवास के लिए आवेदन किया था, जांच भी हुई लेकिन, अब तक उन्हें आवास नहीं मिल सका। मोनू मिश्र ने बताया कि आवास का आवेदन करने के लिए वे एक साल से इंतजार कर रहे हैं लेकिन, अभी तक पोर्टल नहीं खुला। ऑफलाइन आवेदन देने पर अधिकारी ऑनलाइन करने को कहते हैं। शान मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने अपनी मां के नाम से आवेदन किया था लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
शासन के निर्देशों का इंतजार
पोर्टल बंद होने से आवास के नए आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। बताया कि शासन से गाइडलाइन जारी होने के बाद ही लोगों को आवास मुहैया हो सकेगा। जिन लोगों की पूर्व में किस्तें जारी हो चुकी हैं, उनके आवास को पूरा कराना प्राथमिकता है।
विनोद कुमार मिश्र, परियोजना अधिकारी, डूडा