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Amethi News: बेकरी में आग, 20 लाख का सामान खाक

Mon, 29 May 2023 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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अमेठी के गुलाबगंज चौराहे पर धू-धू कर जलती दुकान।  -संवाद
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जगदीशपुर (अमेठी)। स्थानीय कस्बे के गुलाबगंज चौराहा स्थित श्री बाला जी बेकरी की दुकान में रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे आग लग गई। इस अग्निकांड ने बेकरी संचालक जितेंद्र कुमार के बेटे आदित्य की गोदभराई की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। सोमवार को बेटे की गोदभराई होनी थी, लेकिन रविवार देर रात इस अग्निकांड ने खुशियों को स्वाहा कर दिया। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरी दुकान इसकी चपेट में आ गई। दुकान में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। वहीं, पूरे घर में काला धुंआ भर गया। दुकान मालिक जितेंद्र कुमार ने छत के रास्ते सीढि़यों के सहारे पड़ोस के मकान में उतरकर अपनी जान बचाई। वहीं, अन्य परिजन बच्चों को गोदी में उठाकर बमुश्किल निकल पाए। चीखपुकार सुनकर पहुंचे लोगों ने दमकल को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक अधिकांश सामान जलकर राख हो गया।
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जानकारी के मुताबिक जगदीशपुर के पालपुर निवासी जितेन्द्र कुमार यज्ञसेनी का चौराहे पर दो मंजिला मकान है। इसी मकान में आगे की ओर बनी दुकान में श्री बाला जी बेकरी का संचालन होता है। मकान के पिछले और ऊपरी हिस्से में जितेन्द्र का परिवार रहता है। रविवार देर रात 12.30 बजे तक घर के लोग जाग रहे थे। करीब 1.30 बजे दुकान में आग लगी। आग लगने का कारण शाॅर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग से दुकान में मौजूद खाने पीने के सामान सहित दस हजार रुपये, फर्नीचर, चार फ्रीजर और स्कूटी जल कर राख हो गई। वहीं, मकान का प्लास्टर, वायरिंग, रंग रोगन भी नष्ट हो गया। अग्निकांड में करीब 20 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

छोटी दमकल से बुझाते रहे आग, दो घंटे बाद पहुंची बड़ी दमकल
बाला जी बेकरी से चंद कदम दूर स्थित फायर स्टेशन में केवल दमकल की छोटी गाड़ी ही उपलब्ध थी। दमकलकर्मियों ने इसी गाड़ी की मदद से सूझबूझ का परिचय देते हुए आग पर काबू पाया। उन्होंने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को बढ़ने से रोक लिया। इससे मकान का पिछला और ऊपरी हिस्सा आग की चपेट में आने से बच गया। वहीं, मुसाफिरखाना से जब तक बड़ी गाड़ी आई तब तक आग बुझ चुकी थी। अग्निशमन अधिकारी द्वितीय ओपी सिंह का कहना है कि बाजार शुकुल में 500 लीटर क्षमता का दमकल मौजूद है। इसके अलावा मुसाफिरखाना से भी मदद भेजी गई थी। सभी फायर स्टेशन आवश्यकता पड़ने पर दमकल दूसरे क्षेत्र में भेजते हैं। सभी को अलर्ट पर रहने को कहा गया है।
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अचानक महसूस हुई तपिश...आंख खुली तो हर ओर था धुंआ
जितेंद्र ने बताया कि घटना के समय वह पत्नी नीलम, बेटे मयूर, बहू मोना, रोहन, काजल, आदित्य, बच्चे पीहू (10 वर्ष), नित्या (8 वर्ष),रुद्र (5 वर्ष) और गौरी (2 वर्ष) सो रहे थे। अचानक तपिश महसूस हुई, आंख खुली तो हर ओर धुंआ दिखा। कमरे में धुंआ भर जाने से कुछ नजर नहीं आ रहा था। धुएं के गुबार से व्याकुल होकर मकान की छत से सीढि़यों के सहारे बच्चों को गोद में लेकर बमुकिश्ल उतरे। भागकर पड़ोस में भाई दिनेश के घर पहुंचकर किसी तरह परिवार ने जान बचाई।
आंखों के सामने खाक हुआ गोद भराई का सामान
सोमवार को ही आदित्य की गोदभराई की रस्म अदायगी के लिए परिजनों को जाना था। इसके लिए मेवा व अन्य सामान की पैकिंग कर सारा सामान उसी दुकान में रखा था। आदित्य की आंखों के सामने ही सारा सामान जलकर खाक हो गया।
मकानों में भरा धुआं...खुले में गुजारी रात
आग से पूरे इलाके के घरों में काला धुआं भर गया। जितेंद्र के पड़ोसी व चचेरे भाई दिनेश यज्ञसेनी ने बताया कि वह पत्नी सीमा बच्चे देव, शिवाय, शगुन के साथ सोए थे। वहीं, दुकान में मजदूर भी सो रहे थे। मकान में धुआं भरने से बाहर भागकर जान बचाई। रातभर खुले आसमान के नीचे बैठे रहे। वहीं, एक अन्य पड़ोसी राम चंद्र शुक्ला, जितेन्द्र शुक्ला और इनके दिव्यांग चाचा मुन्नू को भी घर से बाहर रात गुजारनी पड़ी। वहीं, घरों में धुआं भरने से रंग रोगन और वायरिंग केबल जलने से भी नुकसान हुआ है।
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