गोशाला का निरीक्ष्रण करते अधिकारी।
गौरीगंज (अमेठी)। गो आश्रय की देखरेख के लिए बनाए नोडल अफसरों ने शनिवार को आश्रय स्थलों पर पहुंचकर वहां पर चारे व भूसा की उपलब्धता परखी। डीएम ने सभी गो-आश्रय स्थलों पर कम से कम 300 क्विंटल भूसे का स्टॉक रखने को कहा है।
डीसी एनआरएलएम सुनील त्रिपाठी ने गोशाला टीकरमाफी में संरक्षित गोवंशों को गुड़ भी खिलाया। उधर, परियोजना निदेशक आशुतोष दुबे ने मुसाफिरखाना ब्लॉक के गुन्नौर, नारा अढनपुर तथा नेवादा गांव में संचालित आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। दोनों अफसरों ने आश्रय स्थल पर मौजूद भूसा, हरा चारा, पशु आहार, जानवरों के लिए छांव, पीने का पानी आदि की हकीकत देखी।
टीकरमाफी में छोटे गोवंशों के खाने के लिए अलग से छोटी चरही बनवाने को कहा। जांच अफसरों के अनुसार सभी केंद्रों पर करीब 300 क्विंटल भूसे का स्टॉक मौजूद मिला। कहा कि पशु आहार भी पर्याप्त मात्रा में पाया गया। बताया कि इसकी रिपोर्ट डीएम को प्रेषित की जाएगी।