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सड़क हादसे में बुआ-भतीजी की मौत, पांच घायल

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33 : मुसाफिरखाना : आद्या (फाइल फोटो)। -संवाद - फोटो : AMETHI
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। स्थानीय थाने के पूरे लुसई मजरे पूरे प्रेमशाह के एक परिवार के लिए अष्टमी काला दिन बनकर सामने आई। पौत्री का मुंडन व रिश्तेदारी में आयोजित गोदभराई कार्यक्रम के बाद दिल्ली जाते समय सोमवार भोर में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर औरास के पास कार का टायर फटने से अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में बुआ व भतीजी की मौत हो गई तो पांच अन्य सदस्य घायल हो गए। घायलों का उपचार ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
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मुसाफिरखाना थाने के पूरे लुसई मजरे पूरे प्रेमशाह गांव निवासी रामहेत परिवार समेत दिल्ली में रहते हैं। एक सप्ताह पूर्व परिवार समेत रामहेत पैत्रिक गांव आए थे। दो दिन पूर्व अयोध्या में पौत्री का मुंडन कार्यक्रम कराने के बाद रविवार को जगदीशपुर के मुबारकपुर पुत्र की ससुराल में आयोजित गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुए।
सोमवार भोर में रामहेत (60) कार से पत्नी रामादेवी (55), पुत्र मुकेश कुमार (38), बहू रीता (35), पौत्र नितिन (14), पौत्री आद्या (छह माह), बेटी श्वेता (28) और नाती जितिन (6) के साथ दिल्ली जा रहे थे। सुबह करीब सात सभी जैसे ही उन्नाव जिले के औरास स्थित लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर पहुंचे थे कि अचानक कार का टायर फट गया और अनियंत्रित कार सड़क पर पलट गई।
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दुर्घटना में सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंचे लोगों ने औरास सीएचसी पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने श्वेता व आद्या को मृत घोषित कर दिया तो रामादेवी, मुकेश, रीता, नितिन और जितिन की हालत गंभीर देख ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। बुआ व भतीजी की मौत की सूचना गांव पहुंची तो परिवार में कोहराम मचा गया।
मां-बाप को नहीं बेटी की मौत की जानकारी
दुर्घटना में घायल रीता व मुकेश जहां जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं वहीं उन्हें उनकी पुत्री आद्या की मौत की जानकारी नहीं है। घायल दोनों जब पुत्री की जानकारी परिवार के सदस्यों से लेते हैं तो उन्हें उसके जीवित होने की बात बताई जा रही है। रामहेत कहते हैं कि बेटे व बहू को क्या जवाब दें।
देखते-देखते मिट गईं खुशियां
रामहेत दिल्ली से पैतृक गांव आए और कई कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। दो दिन पूर्व पौत्री का मुंडन कराने के बाद घर में बधाई गीत के बीच खुशियां मनाई जा रही थीं। इसी बीच खुशियों को बांटने के लिए रामहेत परिवार समेत पुत्र की ससुराल में आयोजित गोदभराई कार्यक्रम में भी शामिल हुए। पूरा परिवार खुशी-खुशी दिल्ली के लिए रवाना हुआ लेकिन किसी को क्या पता कि रास्ते में काल उनका इंतजार कर रहा है।
रो-रोकर बुरा हाल
रामहेत के भाई रामदत्त, रामजग, राम बरन व छोटेलाल परिवार समेत गांव में रहते हैं। सभी सात दिन रामहेत व उनके परिवार के साथ बिताए गए समय को याद कर रहे थे। लोगों ने रामहेत से दशहरे तक रुकने को भी कहा था। आवश्यक कार्य होने से सब लोग चले गए। परिवार के दो सदस्यों की मौत व पांच अन्य के गंभीर रूप से घायल होने से परिवार के साथ रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

32 : मुसाफिरखाना : श्वेता (फाइल फोटो)। -संवाद- फोटो : AMETHI

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