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अनियमितता की शिकायत से परेशान थे अर्जुन

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अमेठी। वर्ष 2015 में ग्राम प्रधान चुनी गईं छोटका पर गांव के ही कुछ लोग वित्तीय अनियमतिता व विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में घपले का आरोप मढ़ रहे थे। आरोप लगाने वाले लोग आए दिन शिकायत करके ग्राम प्रधन के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों की जांच की मांग कर रहे थे जिसको लेकर अर्जुन व उनका परिवार बेहद परेशान था।
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बंदोया गांव के जिन कृष्ण कुमार त्रिपाठी आदि पर अर्जुन की हत्या का आरोप है वे लोग पिछले काफी दिनों से ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों की जांच कराने की मांग कर रहे थे। इन लोगों का कहना था कि गांव के प्राथमिक स्कूल में कायाकल्प के नाम पर नौ लाख रुपये के अलावा कई अन्य योजनाओं में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा रहे थे।
इन लोगों की शिकायतों पर अफसर व कर्मचारी अक्सर जांच करने के लिए गांव आते जाते रहते थे। लोगों की शिकायतों व आए दिन हो रही जांचों को लेकर ग्राम प्रधान का परिवार परेशान था।
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गांव वालों के अनुसार जब से शिकायतों का सिलसिला शुरू हुआ था तब से अर्जुन व उसका परिवार लोगों के सवालों का जवाब देते-देते ऊब गया था। डीएम अरुण कुमार ने स्वीकार किया कि ग्राम प्रधान के खिलाफ वित्तीय अनियमितता की कई शिकायतें मिली थीं। अलग-अलग स्तर पर मिली इन शिकायतों की जांच कराई जा रही थी।
पति की हत्या के बाद पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार ग्राम प्रधान भले ही वे थीं लेकिन पूरा कार्य भार गांव के ही राम बाबू व अजय देखते थे। ग्राम प्रधान ने तहरीर में यह भी लिखा कि घटना के बाद राम बाबू व अजय व उनके परिवार के लोग भी उन पर दबाव बना रहे हैं।
मुंशीगंज थानाध्यक्ष मिथलेश सिंह ने कहा कि परिवार की ओर से जो तहरीर दी गई है उसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। तहरीर में लगाए सभी आरोपों की पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बंदोइया गांव में गुरुवार रात ग्राम प्रधान पति की जलाकर की गई हत्या ने पिछले दिनों गौरीगंज थाने के उत्तरगांव की घटना को ताजा कर दिया। 4/5 सितंबर की रात हुई इस घटना में सार्वजनिक प्रसाधन निर्माण का विरोध कर रहे बुजुर्ग को जलाकर मार डाला गया था। घटना में नामजद ग्राम प्रधान व पूर्व प्रधान का चालान करने के बाद पुलिस आज तक घटना की जांच पूरी नहीं कर सकी है।
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