गौरीगंज (अमेठी)। विद्यार्थियों को आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजना के आवेदकों का सत्यापन होगा। इसके लिए डीएम ने 33 जिला स्तरीय अफसरों की टीम गठित की है।
अफसरों को पात्रता की जांच कर 11 बिंदुओं पर रिपोर्ट समाज कल्याण कार्यालय में जमा करनी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग फार्मों को अग्रसारित कर बच्चों को शुल्क प्रतिपूर्ति का भुगतान करेगा।
शैक्षिक सत्र 2020-21 में पूर्व दशम व दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में आवेदन अवधि पूरी होने के बाद जिला प्रशासन ने आवेदित छात्रों की पात्रता का सत्यापन कराने की योजना बनाई है। कवायद सफल हो सके इसके लिए डीएम अरुण कुमार ने 33 अफसरों की टीम गठित की है।
अफसरों को स्कूल एलॉट करते हुए तीन दिन में योजना में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का सत्यापन कर रिपोर्ट देने को कहा है। अफसर जांचेंगे कि आवेदक स्कूल में अध्ययनरत है या नहीं। ऑनलाइन उपस्थित 75 प्रतिशत है या नहीं।
परीक्षाफल तथा आवेदन के बाद स्कूल छोड़ तो नहीं दिया। विद्यालय स्तर पर गठित समिति ने अनुमोदन किया है या नहीं। सत्यापन के दौरान आवेदन करने वाले छात्र/छात्रा की वर्गवार (सामान्य, अनुसूचित व पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग) सूचना मांगी गई है।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद समाज कल्याण विभाग आवेदनों को अग्रसारित कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू करेगा। डीएम ने जांच के दौरान फर्जी आवेदन मिलने तथा अग्रसारित होने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इतने बच्चों ने किया आवेदन
जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके शर्मा ने बताया कि जिले में संचालित 241 माध्यमिक स्कूलों में पंजीकृत बच्चों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिलता है।
पूर्वदशम (कक्षा नौ व दस) छात्रवृत्ति योजना में अनुसूचित जाति के 337, पिछड़ा वर्ग के 687, अल्पसंख्यक वर्ग के 130 तथा सामान्य वर्ग के 348 बच्चों ने आवेदन किया है। इसी तरह दशमोत्तर (कक्षा 11 व 12) में अनुसूचित जाति के 104, पिछड़ा वर्ग के 359, अल्पसंख्यक वर्ग के 48 तथा सामान्य वर्ग के 179 बच्चों ने आवेदन किया है।