अमेठी। डीएम ने निरीक्षण में बिना सूचना नदारद एपीओ की संविदा समाप्त करने तो गड़बड़ी मिलने पर एक पंचायत सचिव को निलंबित करने का निर्देश दिया है। बिंदुवार निरीक्षण के दौरान मिली खामियों पर कुछ को चेतावनी तो कुछ को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्य पद्धति में सुधार लाने के साथ ही लक्ष्य के अनुरूप सभी कार्य पूरा कराने का निर्देश बीडीओ को दिया।
डीएम अरुण कुमार सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक संग्रामपुर ब्लॉक मुख्यालय पहुंच गए। पहुंचते ही डीएम ने उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण किया। बिना अवकाश स्वीकृत कराए कार्यालय से नदारद एपीओ दिनेश प्रताप सिंह की संविदा सेवा समाप्त करने का निर्देश बीडीओ शशि कुमार तिवारी को दिया।
इसके बाद डीएम ने शासन से संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की। सामुदायिक प्रसाधन व पंचायत भवनों की कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान बीडीओ ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में कुल 37 सामुदायिक प्रसाधन तथा 13 पंचायत भवन का निर्माण कराया जाना है।
कहा कि 2019-20 में 510 पीएम आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से 11 निर्माणाधीन हैं तो 2020-21 में 358 आवास के सापेक्ष 211 की जियो टैगिंग व 89 की स्वीकृति पाई गई। स्वयं सहायता समूहों के गठन के संबंध में बीडीओ ने बताया कि 50 समूहों का लक्ष्य निर्धारित है जिसमें से अभी तक 24 समूहों का गठन करते हुए 12 समूहों के खाते खोले गए हैं।
डीएम ने ब्लॉक में तैनात कर्मचारियों की सर्विस बुक, जीपीएफ/एनपीएस पासबुक का निरीक्षण किया जो अपडेट नहीं पाए जाने पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए वरिष्ठ सहायक अनिल तिवारी को चेतावनी देने का निर्देश दिया।
डीएम ने मनरेगा द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही उसकी हकीकत जांचने के लिए करौंदी गांव का स्थलीय निरीक्षण भी किया। शासकीय कार्यों में लापरवाही मिलने से नाराज डीएम ने ग्राम पंचायत अधिकारी योगेश चंद्र श्रीवास्तव को निलंबित करने का भी निर्देश दिया है। डीएम की इस कार्रवाई से ब्लॉक कर्मियों में हड़कंप मचा रहा।