अमेठी सिटी। बारिश के दौरान मनरेगा योजना में श्रमिकों की फोटो से फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज करना 13 पंचायत सचिव व रोजगार सेवकों को भारी पड़ा। लोकपाल की ओर से मामला संज्ञान में लेने के बाद बीडीओ ने सभी को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है।
महात्मा गांधी ग्रामीण गारंटी रोजगार योजना में अनियमितता सामने आई है। 27 व 28 सितंबर को सारा दिन बारिश होने के बाद भी मुसाफिरखाना ब्लॉक के अलग-अलग गांवों में 349 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने का मामला सार्वजनिक हुआ है। मामला संज्ञान में आने के बाद लोकपाल ने उपायुक्त मनरेगा शेर बहादुर को मामले की जांच करवाने को कहा। इसके बाद उपायुक्त मनरेगा ने सभी बीडीओ को पत्र में जारी कर रिपोर्ट मांगी। उपायुक्त का पत्र मिलने के बाद मुसाफिरखाना बीडीओ ने सोमवार को गुन्नौर, भनौली, कनकपुर, बेसरा पश्चिम, नेवादा, कोछित, कोटवा, पिंडारा करनाई, पूरे मोहम्मद नेवजा, रंजीतपुर, रसूलाबाद, पलियाचंदापुर व रुदौली में कार्यरत पंचायत सचिव व रोजगार सेवकों को नोटिस जारी की है। सभी को दो दिन के भीतर बारिश के दौरान फोटो से फोटो अपलोड कर मनरेगा श्रमिकों की उपस्थित दर्ज करने के संबंध में जवाब देने को कहा है। जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। वहीं उपायुक्त मनरेगा शेर बहादुर ने बताया कि सभी बीडीओ की ओर से जांच हो रही है। दोषियों पर कार्रवाई होगी।