अमेठी। सीएमओ ने सिंहपुर सीएचसी समेत पांच पीएचसी सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पीएचसी पर तैनात चिकित्सक व अन्य कर्मी कई दिनों से नदारद मिले।
यह स्थिति तब रही जब अधीक्षक की ओर से सबकी उपस्थिति सीएमओ कार्यालय को दी जा चुकी है। इससे नाराज सीएमओ ने अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए बिंदुवार आख्या सात दिन में उपलब्ध कराने को कहा है।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सरकारी अस्पतालों पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए इन दिनों लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं। सोमवार दोपहर कार्यालय से निकले सीएमओ सीएचसी सिंहपुर के अधीन संचालित पीएचसी इन्हौना, सातनपुर, फूला, राजा फत्तेपुर का औचक निरीक्षण किया।
इन्हौना में तैनात चिकित्सक डॉ. बाबर कादरी के बारे में बताया गया कि वह सिंहपुर में रहते हैं, यहां आते ही नहीं हैं। वहीं बीएचडब्ल्यू कांति देवी के बारे में पूछने पर वहां के स्टाफ ने ऐसे किसी कर्मी के बारे में अनभिज्ञता जाहिर की जबकि अधीक्षक की ओर से कांति देवी की नवंबर माह की पूरे 30 दिन की उपस्थिति भेजी गई है।
यहां से निकल सीएमओ सातन का पुरवा तथा फूला पहुंचे जहां स्टाफ तो मौजूद मिले लेकिन साफ-सफाई संतोषजनक नहीं थी। राजाफत्तेपुर के निरीक्षण में रविवार को भी सभी का हस्ताक्षर पाया गया तथा चिकित्सक डॉ. जयशंकर पांडेय द्वारा 17 नवंबर से अब तक ओपीडी रजिस्टर में एक भी कार्य संपादित नहीं पाया गया जबकि वेतन के लिए पूरे माह की उपस्थिति भेजी गई है।
सीएचसी सिंहपुर में उपस्थिति पंजिका का अवलोकन करने पर पाया गया कि डेंटल हाइजिनिस्ट अरुण कुमार यादव नौ नवंबर से 21 तथा 23 को अनुपस्थित थे और सीएल नौ, 10 व 19 को चढ़ाई गई थी।
ऐसे में अधीक्षक पर मिलीभगत से सीएमओ कार्यालय को गुमराह कर बिना काम किए चिकित्सकों व अन्य कर्मियों का वेतन आहरित कराने के लिए हस्ताक्षर प्रमाणित कर भेजा जा रहा है।
सीएमओ ने अधीक्षक पर राजकीय कार्यों में लापरवाही तथा सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाते हुए नोटिस जारी कर बिंदुवार सुस्पष्ट आख्या सात दिन में देने को कहा है। समय पर जवाब नहीं देने या जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी है।