गौरीगंज (अमेठी)। जिले के गो-संरक्षण केंद्रों में गोवंशों के लगातार बंधे रहने के मामले में डीएम ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम ने सीवीओ को प्रति दिन अलग-अलग शिफ्ट में गोवंशों को चरने के लिए छोड़ने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश नहीं मानने पर जिम्मेदारों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराने को कहा है।
जिले में तीन वृहद गो-संरक्षण केंद्र व तीन कांजी हाउस के अलावा एक कान्हा गोशाला व 100 अस्थायी गो संरक्षण केंद्र संचालित हो रहे हैं। इन गो संरक्षण केंद्रों में करीब 14 हजार गोवंश संरक्षित हैं। सभी गो-संरक्षण केंद्रों मेें संरक्षित गोवंश के देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व संबंधित पशु अस्पताल के चिकित्सक की है।
जिला प्रशासन को लंबे समय से शिकायत मिल रही है कि इन संरक्षण केंद्रों में संरक्षित गोवंशों को लगातार बांध कर रखा जा रहा है। इन्हें एक भी घंटे चरने के लिए नहीं छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से आएदिन गोवंश बीमार पड़े रहते हैं, और उनकी मौत भी होती रहती है। इन शिकायतों को डीएम राकेश कुमार मिश्र ने गंभीरता से लिया है।
डीएम ने सीवीओ डॉ. जेपी सिंह ने कहा है कि वे यह सुनिश्वित करें कि सभी गो संरक्षण केंद्रों में बंधे गोवंशों को प्रति दिन चरने के लिए छोड़ा जाए। जहां के जिम्मेदार आदेश की अवहेलना करें उनके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराकर अवगत कराएं। डीएम के आदेश से जिम्मेदार सहमे हुए हैं।