जगदीशपुर के टांडा वारिसगंज स्थित बाबा गरीब दास सेवा आश्रम परिसर में समाधि लेने के लिए बैठे पुज
जगदीशपुर। टांडा वारिसगंज स्थित बाबा गरीब दास सेवा आश्रम की जमीन पर कब्जा व हमले के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज पुजारी दुर्गेश दास बुधवार को आश्रम के सामने समाधि लेने पर अड़ गए। उन्होंने गड्ढा खोदकर समाधि लेने की तैयारी शुरू कर दी। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। 15 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर पुजारी ने फिलहाल फैसला टाल दिया।
पुजारी दुर्गेश दास ने बताया कि वह करीब साढ़े तीन वर्षों से आश्रम में पूजा-पाठ कर रहे हैं। मंदिर के नाम करीब आठ बीघा पक्की और 16 बीघा कच्ची जमीन सात अलग-अलग नंबरों में दर्ज है। उनका आरोप है कि करीब 10 बीघा जमीन पर अतिक्रमण है। उन्होंने बताया कि 27 सितंबर की शाम वह मंदिर में पूजा कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
जान बचाने के लिए वह दूसरे के घर में घुस गए और दूसरी ओर से निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। आरोप है कि घटना के बाद तहरीर देने के बावजूद दो दिन तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इससे नाराज होकर उन्होंने समाधि लेने का फैसला किया। थानाध्यक्ष अजयेंद्र पटेल और मुसाफिरखाना के नायब तहसीलदार रामलखन वर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पुजारी को समझाया। उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करने और जमीन की जांच कर 15 दिन में कब्जा मुक्त कराने अथवा नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीओ अतुल सिंह ने बताया कि दीपक कोरी, मुन्ना यादव, प्रधान पति मो. रसीद समेत 16 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।