अमेठी सिटी। गोशाला के लिए धनराशि कम होने व अन्य अव्यवस्थाओं से नाराज ग्राम प्रधानों ने सामूहिक रूप से इस्तीफे की चेतावनी दी है। ग्राम प्रधानों ने सीडीओ को 13 सूत्री मांग पत्र सौंपा है। भूसे का टेंडर कराए बगैर पशु आहार व साइलेज का टेंडर निरस्त करने की मांग की है।
ग्राम प्रधान संघ ने गोशाला के संदर्भ में आ रही समस्याओं के बारे में शुक्रवार को जिला विकास अधिकारी वीरभान सिंह को ज्ञापन सौंपा। ग्राम प्रधानों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के माध्यम से ही गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। शासन ने भूसे का रेट 6.5 रुपये प्रति किलो तय किया है, जबकि बाजार में भूसा 10 रुपये प्रति किलो के रेट से बिक रहा है।
पंचायतीराज विभाग से मिलने वाले पूल का पैसा न मिलने से पशुओं को रोज एक किग्रा पशु आहार भी वह नहीं खिला पा रहे हैं। हरा चारा दो किग्रा प्रति पशु चार रुपये प्रति किग्रा के हिसाब से निर्धारित हुआ है, जोकि बढ़े हुए रेट से खिलाना संभव नहीं है।
ग्राम प्रधानों ने भूसे का भी टेंडर कराने की मांग की है, जिससे पशुओं को उचित आहार दिया जा सके। भूसे के बगैर आधी-अधूरी सामग्री का टेंडर होने का आरोप लगाते हुए पहले का टेंडर निरस्त करने की मांग की है। गोशाला केयर टेकर का मानदेय राज्य वित्त से दिया जा रहा है, ऐसे में विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। प्रधानों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वह सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे, जिसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा।
इस मौके पर प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष विरेंद्र तिवारी, अश्वनी पांडेय, अरविंद शुक्ला, गोकुल प्रसाद, पवन कुमार, शारदा यादव, अमर नाथ, हरिकेश, राम किशोर आदि मौजूद रहे।