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बर्खास्त हुई 25 जिलों में नौकरी कर रही शिक्षिका

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अमेठी। एक साथ 25 जिलों के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में साइंस टीचर के पद पर कार्यरत शिक्षिका को बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई उसकी ओर से व्हाट्सएप पर इस्तीफा भेजने के बाद की गई है। इसके साथ ही शिक्षिका के खिलाफ अमेठी थाने में धोखाधड़ी का केस भी दर्ज करा दिया गया है।
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ग्राम हसनपुर पोस्ट मोटा (भोगांव) जिला मैनपुरी के रहने वाले सुभाष चंद्र शुक्ल की पुत्री अनामिका शुक्ला की नियुक्ति 28 नवंबर 2019 को अमेठी ब्लॉक के अमेठी शहर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में हुई थी।
पूर्णकालिक शिक्षिका के पद पर नियुक्ति के दिन ही अनामिका ने विद्यालय पहुंचकर वार्डेन पूनम यादव की मौजूदगी में कार्यभार ग्रहण किया। इसके बाद से ही अनामिका लगातार विद्यालय में रहीं। 16 मार्च 2020 को लखनऊ में आयोजित एक बैठक में अनामिका शुक्ला नाम की एक महिला के एक साथ 25 जिलों में तैनाती की बात सामने आई।
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बैठक मेें संदेह गहराने के बाद प्रतिभाग करने पहुंचे सभी संबंधित जिलों के डीसी बालिका शिक्षा को पूरे मामले को गोपनीय रखते हुए प्रकरण की जांच कराने को कहा गया। बैठक से वापस लौटने के बाद जिले के डीसी बालिका शिक्षा ने पूरे प्रकरण से बीएसए विनोद कुमार मिश्र को अवगत कराया।
मामला संज्ञान में आते ही बीएसए ने 24 मार्च को उसका मानदेय रोकते हुए नोटिस जारी कर एक हफ्ते में सभी मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने को कहा। बावजूद इसके वह लॉकडाउन के बहाने उपस्थित नहीं हुई।
मामला तूल पकड़ने व छह जून को कासगंज में गिरफ्तारी होने से पहले कथित अनामिका (सही नाम प्रिया जाधव) डीसी बालिका शिक्षा के मोबाइल पर अपना त्यागपत्र भेज दिया। त्यागपत्र मिलने व अनामिका के गिरफ्तार होने की जानकारी सामने आते ही बीएसए ने शिक्षिका को पद से बर्खास्त करने के साथ उससे अब तक लिए गये मानदेय की रिकवरी कराने का आदेश जारी कर दिया है।
साथ ही डीसी बालिका शिक्षा को शिक्षिका के खिलाफ अमेठी थाने में तहरीर देने का निर्देश दिया। डीसी बालिका शिक्षा की ओर से तहरीर मिलते ही अमेठी थाने की पुलिस ने शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
बीएसए ने बताया कि शिक्षिका की नियुक्ति के बाद मानदेय का भुगतान करने से पहले उसकी ओर से प्रस्तुत हाईस्कूल, इंटरमीडिएट व टीईटी के प्रमाणपत्रों के साथ ही ऑनलाइन निवास का सत्यापन कराया गया था। जांच में सभी की रिपोर्ट सही आई थी।
बीएसए ने बताया कि इसके बाद शिक्षिका को निर्धारित (22 हजार रुपये प्रति माह) मानदेय का भुगतान किया गया। शिक्षिका को दिसंबर 2019 के अलावा जनवरी व फरवरी माह का मानदेय जिले से आवंटित हुआ।
बीएसए ने बताया कि अनामिका की ओर से प्रस्तुत आवेदन में जो शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाए गये हैं उनके अनुसार उसने हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई बीएमजीबी इंटर कॉलेज परसपुर गोंडा व बीएससी व बीएड की पढ़ाई डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या से संबद्ध आदर्श कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय जियापुर बरुआ अंबेडकरनगर से की थी।
केजीबीवी अमेठी की वार्डेन पूनम यादव ने बताया कि विज्ञान टीचर के पद पर नौकरी करने वाली अनामिका ज्वाइनिंग के बाद वह एक बार होली की छुट्टी में घर गई थी। दोबारा व अंतिम बार कोरोना के बढ़ते प्रभाव के बीच वह 14 मार्च का घर गई तो वापस नहीं आई। वार्डेन ने कहा कि उन लोगों को शिक्षिका की किसी गतिविधि से कभी उसके जालसाज होने का संदेह नहीं हुआ।
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