मुंशीगंज/शाहगढ़। सियार के हमले में बुधवार शाम घायल हुईं मुंशीगंज के सनहा गांव निवासी जैबुल निशा (90) की बृहस्पतिवार देर रात जिला अस्पताल सुल्तानपुर में उपचार के दौरान मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजनों ने शुक्रवार को बिना पोस्टमार्टम कराए शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। मृतका के बेटे मुन्ना अंसारी ने बताया कि बुधवार शाम उनकी मां घर के सामने बैठी थीं। इसी दौरान अचानक एक सियार आया और उन पर हमला कर दिया। मां की चीख-पुकार सुनकर घर के अंदर मौजूद बहू सलमा बानों बाहर दौड़ीं। ग्रामीणों की मदद से सियार को भगाया गया, लेकिन तब तक जैबुल निशा गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं।
सियार के हमले में गांव की ही शहनाज बानों, फिजा बानों, शकीना और अमीरुलनिशा भी घायल हो गई थीं। सभी को जिला अस्पताल सुल्तानपुर में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार रात जैबुल निशा की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस व राजस्व टीम ने परिजनों को पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाया, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। लिखापढ़ी के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।