जगदीशपुर(अमेठी)। सुबह 11 बजे का वक्त। कैमा गांव में मुख्य मार्ग से लेकर विक्रम सिंह विक्की के दरवाजे तक लोगों की आवाजाही का आलम दिखा। उमस भरी गर्मी के बीच हर किसी की निगाहें सड़क पर टिकी रहीं। 11.38 बजे जैसे ही केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का काफिला मुख्य मार्ग से गांव की ओर मुड़ा, हर कोई दीदी आ गईं, दीदी आ गईं कहते हुए उनकी गाड़ी की ओर दौड़ पड़ा। लोगों को आते देखकर वह रास्ते में ही उतर गईं। बस फिर क्या था, हर किसी ने अपनेपन का एहसास कराते हुए उनका से स्वागत किया। लोगों के बीच से होते हुए वह सीधे बने मंच पर पहुंच गईं। पहला सवाल पूछा कि कितने लाेगों को आवास मिला है, जवाब में कई हाथ उठे। यह देख बोल पड़ीं, अरे इतने लोग हैं। एक बुजुर्ग महिला से केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अम्मा यह बीडीओ साहब है, इनको नाम लिखवा दो। सूची में नाम चेक करके आवास दिलवा देंगे।
कहा कि विधवा, वृद्धा और दिव्यांग पेंशन के कितने लोग हैं, एक साइड में आ जाएं। समाज कल्याण अधिकारी साहब के पास अपनी-अपनी शिकायत और समस्या नोट करवा दें। इसी बीच पहुंचीं चूपी गांव की सीमा ने कहा कि दीदी रहने को घर नहीं है। कुछ कर दीजिए, स्मृति ईरानी ने कहा कि परेशान न हो। जरूर मिलेगा। रामजी लाल व राम गोपाल भी बोल उठे दीदी, आवास के लिए बहुत दौड़ने, अब आपय कुछ करव।
वारिसगंज के राज नारायण कहने लगे कि वृद्धा पेंशन के लिए अप्लाई किया है, अभी आई नही है। बुढ़ापे का सहारा है, कुछ देख लिया जाय। मुहर्रम अली सरैया टांडा का कहना था कि चोरी से उसका पेड़ काटकर दबंग घर बना रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने सीओ को तत्काल प्रकरण देखने को कहा। इसके अतिरिक्त शांति देवी, प्रीतम, प्रेमा ,जग प्रसाद, कृष्ण देव, छोटे लाल ने भी समस्या रखी। कैंसर पीड़ित करुणेश मिश्रा को लेकर परिजन पहुंचे। कहा कि दिल्ली, मुंबई जहां भी चाहें वहां इलाज का पूरा प्रबंध कर दिया जाएगा।
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जब एकाएक रुका काफिला
12.26 बजे केंद्रीय मंत्री का काफिला दक्खिन गांव पहुंचा। काफिला पहुंचते ही सुनील यादव, गीता देवी, बिट्टन, वीरमती, बिट्टन ने आवास, कलावती ने शौचालय की मांग की। जलालपुर तिवारी के अमरनाथ शुक्ला ने बताया कि उनका बेटा अनुज शुक्ला सड़क दुर्घटना में चोटिल हो गया था, जिसका कूल्हे का इलाज चल रहा है। यहां से निकलने के बाद रानीगंज में केंद्रीय मंत्री का काफिला एकाएक रुक गया। शिल्पकार मोहल्ले में पहुंच गई। वहां पर बनाई गईं मूर्तियों को देखा। कामता प्रसाद शिल्पकार से समस्या पूछी। मुस्कुराते हुए कामता प्रसाद ने कहा कि विकास हो रहा है या नहीं, उसने कहा कि पहली बार लग रहा है कि अमेठी अब विकास की दौड़ में है।
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दीदी, आपने तो कमाल कर दिया
दोपहर 1.08 बजे पर थौरी गांव पहुंचीं केंद्रीय मंत्री से माया ने कहा कि दीदी आप सच में आई हैं। यह तो कमाल हो गया। सुना था लेकिन, भरोसा नहीं था। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह अपना घर है, हम अपने घर में आएं हैं। अनीता ने कहा कि दीदी धूप बहुत तेज है, पहले पानी पी लीजिए। इसके बाद एक-एक करके लोगों ने समस्याएं रखीं। देवकली जाते समय मऊ में सड़क पर जल जमाव को देखकर वह रुक गई। अफसरों से पूछा कि क्यों ऐसा हैं, इसका प्रबंध करो।
माताजी को सीएचसी भिजवाओ, डॉक्टर साहब आप खुद देखो
देवकली पहुंचीं केंद्रीय मंत्री ने मोतियाबिंद से परेशान गडरियाडीह की लीलावती को तत्काल अस्पताल भिजवाया। डॉक्टर से कहा कि आप खुद देखो। इस दौरान भुलई, दशरथ, निशा, उर्मिला, राम कल्प मिश्र ने समस्याएं रखीं।
बिजली व्यवस्था पर जताई नाराजगी
बाजार शुकुल। पारा गांव में ग्रामीणों ने बिजली की समस्या उठाई। छज्जूपुर गांव में बीते 15 साल से 25 घरों के विद्युत कनेक्शन के लिए गांव के लोग परेशान हैं, ट्रांसफार्मर नहीं रखा गया। केंद्रीय मंत्री ने गहरी नाराजगी जताते हुए बिजली व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया।
कुसुम ने अपने पुत्र विवेक की गंभीर बीमारी का इलाज कराने की मांग किया। वहीं गांव के गौतम तिवारी के दोनों गुर्दा खराब होने के कारण इलाज के लिए केंद्रीय मंत्री से मांग किया। जगदीशपुर सीएचसी के अधीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी है। इस मौके पर विधायक सुरेश पासी, जिला उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र शुक्ला, अखिलेश यादव, एसडीएम मुसाफिरखाना सविता यादव मौजूद थे।
बच्चों को खिलाई मिठाई
केंद्रीय मंत्री ने पारा गांव में बच्चों मिठाई खिलाई। मिठाई बंटता देख नन्हे मुन्ने दौड़ पड़े। केंद्रीय मंत्री ने बच्चों पर प्यार लुटाते हुए कहा कि देख रही हूं, दोबारा आए हो मुंह में मिठाई लगी है, कोई नहीं एक और ले लो। साथ ही उन्होंने पिछूती गांव में पौधरोपण भी किया।