अमेठी सिटी। जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में जिले के विकास को लेकर 76.84 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें 23 सड़कों के निर्माण के साथ अन्य योजनाओं को हरी झंडी मिली। इस दौरान सरकारी विभागों की कारगुजारी को लेकर भी सवाल खड़े किए गए।जिला पंचायत की बोर्ड बैठक मंगलवार की दोपहर 12:30 पर शुरू हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि ने कहा कि यह चुनावी वर्ष है, जनता की मांग व अपेक्षा ऐसे समय में ज्यादा होती है। जनप्रतिनिधि के क्षेत्रों में अपेक्षा के अनुसार, बेहतर काम होना चाहिए। खेती, कहा नहर, लोनिवि, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों में अच्छा काम किया जाए। बैठक में बोर्ड के माध्यम से कुल 76.84 लाख का बजट और चार प्रस्ताव पास किए गए है।
अफसरों की तय होगी जवाबदेही
- जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि जल जीवन मिशन में ठेकेदार की ओर से जो भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचेगा, उसे बनाने की जिम्मेदारी भी उसी की है। यह उनके टेंडर में शामिल किया गया है।
यदि सड़क, नाली आदि को नुकसान पहुंचाने के बाद ठेकेदार रिपेयरिंग नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों की अकर्मण्यता के खिलाफ भी जिला पंचायत हरसंभव कार्रवाई करेगा।
बिजली के लटकते तारों का उठाया मुद्दा - जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ पांडेय ने बिजली के लटकते तारों का मुद्दा उठाया। कहा कि बीते वर्ष आग लगने से गेहूं की सैकड़ों बीघे फसल जल गई, लेकिन तारों को दुरुस्त नहीं किया गया।
घोरहा फीडर में गेहूं की फसल पर बिजली के तार लटक रहे हैं। मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए विभागीय एसडीओ को फटकार लगाई। कहा कि करंट की चपेट में आने से झुलसे बच्चों का मामला राष्ट्रीय मीडिया में छाया रहा, जिससे जिले की बदनामी हुई। कहा कि फसलों पर लटकते तार शीघ्र ठीक किए जाएं।
जायस के बेलवा हसनपुर में एक साल से ट्रांसफार्मर खराब होने की शिकायत की गई। जिस पर सभी सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया।
सदस्यों ने उठाए सवाल
- जिला पंचायत सदस्य अभिषेक सिंह कौशिक ने कहा कि हरदोइया संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन टूटे पुल को स्टीमेट में शामिल न किया जाना बड़ी लापरवाही है। जिससे आवागमन की परेशानी बनी हुई है।
- भादर के ब्लाॅक प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि सड़क बनने के पांच साल बाद ही उसकी मरम्मत की जाती है, इससे पहले सड़क पर चाहे जितना बड़ा गड्ढा बन जाए।
- संग्रामपुर से सदस्य रेनू प्रजापति ने ठेकेदार के पंजीकरण की मांग की।
- जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र भारती ने कहा कि कनैधा ड्रेन टूटने से 400 बीघा फसल नजलमग्न हो जाती है। वहीं क्षतिग्रस्त सड़क, पुल का मुद्दा अन्य कई लोगों ने उठाया। जेठू मवई पीएचसी में चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने पर एसीएमओ ने कहा कि शीघ्र ही नियुक्ति दी जाएगी।
अधिकारियों की गैरहाजिरी पर सवाल
जिला पंचायत की बैठक में डीएम, सीडीओ, एसपी सहित ज्यादातर विभागों के बड़े अधिकारी गैरहाजिर रहे। जिला पंचायत सदस्य सूबेदार यादव ने कहा कि बैठक में स्टेनो व बाबू आते हैं, अधिकारियों के नहीं आने से कार्य प्रभावित हो रहा है।
अध्यक्ष ने कहा कि जो भी कर्मचारी बैठे हैं, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी। जिला विकास अधिकारी तेजभान सिंह ने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के कार्यक्रम के चलते सभी अधिकारी बैठक में नहीं पहुंच सके हैं। इस दौरान कुल 36 जिला पंचायत सदस्यों में से 27 उपस्थित रहे।