अमेठी सिटी। शिलान्यास के पांच माह बाद भी अमेठी-किठावर मार्ग निर्माण की बाट जोह रहा है। 15 किमी लंबी सड़क निर्माण के लिए शासन से करीब 36 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। अमेठी से प्रतापगढ़ जिले को जोड़ने वाले इस मार्ग की हालत वर्तमान में बहुत खराब है। फिलहाल इसका निर्माण कार्य शुरू होने में अभी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। अमेठी से विशेषरगंज, बड़गांव, किठावर को जोड़ रही सड़क का निर्माण कार्य लंबित होने से करीब दो लाख की आबादी प्रभावित हो रही है।
अमेठी से किठावर मार्ग का निर्माण करीब एक दशक पहले हुआ था। करीब छह वर्ष पहले सड़क की सामान्य मरम्मत कराई जा चुकी है। इसके बाद भी वर्तमान समय में सड़क की स्थिति बदहाल है। सड़क पर कई जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। वहीं कई जगहों पर सड़क की गिट्टी भी उखड़ने लगी है। बरसात के मौसम में सड़क के गड्ढों में पानी भर जा रहा है। इससे लोगों का आवागमन खतरे से खाली नहीं है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से चुनाव से पहले मार्च माह में ही इसका शिलान्यास कर दिया गया, लेकिन उसके बाद से लोगों के हिस्से में सिर्फ इंतजार है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बरसात के दिनों में सड़क का कार्य नहीं होगा। ऐसे में अब माना जा रहा है कि नए साल में ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो पाएगा। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क का टेंडर हो गया है। अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
सवा तीन मीटर बढ़ेगी सड़क की चौड़ाई
अमेठी से किठावर मार्ग की वर्तमान चौड़ाई पौने चार मीटर है। इसे नए प्रस्ताव में बढ़ाकर सात मीटर किया जाना है। सड़क की चौड़ाई बढ़ जाने से आवागमन में लोगों को आसानी होगी। इसी के साथ दो लेन पर वाहनों का आवागमन बेहतर हो जाएगा।
ठेकेदार पर हो चुका है केस
अमेठी-किठावर मार्ग का निर्माण कार्य वर्ष 2012 में छह करोड़ की लागत से कराया गया था। निर्माण कार्य के बाद पांच साल तक निर्माणदायी संस्था को सड़क का अनुरक्षण करना होता है। निर्माण के छह माह बाद ही सड़क की दशा जर्जर हो गई थी। लोगों की शिकायत के बाद मार्ग निर्माण में भारी अनियमितता मिली थी। इसके बाद विभाग की ओर से गौरीगंज थाने में केस भी दर्ज कराया गया था। इसके बाद ठेका फर्म को काली सूची में डाल दिया गया था।