किसान ने जमीन बचाने की गुहार लगाई।
- फोटो : amar ujala
अमेठी जिले के पीपरपुर के भोजपुर गांव निवासी किसान रामजियावन (80) सोमवार को गले में पोस्टर लटकाकर डीएम कार्यालय पहुंचे। पोस्टर पर जमीन बचाने की गुहार और न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की चेतावनी लिखी थी। उन्होंने डीएम से पत्नी के नाम दर्ज जमीन की कथित गलत वरासत निरस्त कराने की मांग की।
रामजियावन के मुताबिक वह संतानहीन हैं और मेहनत-मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं। उनकी पत्नी चंद्रावती के नाम भोजपुर में जमीन दर्ज थी। पत्नी की मृत्यु के बाद उनकी अनुपस्थिति का लाभ उठाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की वरासत दूसरे पक्ष के नाम करा दी गई। जानकारी होने पर उन्होंने राजस्व अधिकारियों से शिकायत की। तहसीलदार न्यायालय में वाद भी दायर किया।
उनके मुताबिक सुनवाई के दौरान विवादित भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक लगाई गई। इसके बाद भी वरासत आदेश निरस्त नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि सात मार्च 2026 को तहसीलदार दिवस में शिकायत के बाद नायब तहसीलदार और लेखपाल ने गांव पहुंचकर मामले की जांच की थी। रामजियावन ने डीएम से मामले की दोबारा जांच कराकर कथित गलत वरासत निरस्त करने और भूमि उनके नाम दर्ज कराने की मांग की है।