दोहरे हत्याकांड में ग्रामीण खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं। कुछ ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि रामराज के साथ उसका 10 वर्षीय बेटा आगे-आगे चल रहा था। उसके पीछे दोनों बेटियां थीं और फिर पत्नी रामलली। एक बेटी ने सिर पर बोरे में कुछ सामान रखा था। सभी जब खेत पहुंचे तो रामा और आकाश धान की सिंचाई कर रहे थे। रामराज, उसकी पत्नी और दोनों बेटियों ने रामा व आकाश पर खुरपा और डाई से हमला कर दिया।
घटनास्थल से करीब 400 मीटर दूर दयाराम यादव के ट्यूबवेल पर रुदौली का एक युवक और पास के खेत में एक महिला मौजूद थी। दोनों ने पूरी घटना देखी। उन्होंने ही ग्रामीणों को सूचना दी। बताया कि रामराज परिवार के साथ गंदा नाला को पार करके भाग निकला है।
मां के सिर पर चार और बेटे पर किए पांच वार
दोहरे हत्याकांड में मां-बेटे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस अफसरों को मिल गई। रामा के सिर पर चार गहरे घाव मिले हैं और आकाश के सिर पर पांच। दोनों के चेहरों पर भी चोट के कई निशान मिले हैं। दोनों की मौत का कारण एंटीमार्टम इंजरी (गहरी चोट लगने से मौत होना) आई है। देर शाम दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस से गांव ले लाए गए।
हत्यारोपियों ने मां-बेटे के सिर और चेहरे को निशाना बनाया। घटनास्थल को देखकर पुलिस अफसरों ने अंदेशा जताया कि दोनों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। घटनास्थल पर दोनों पक्षों के बीच संघर्ष के निशान नहीं दिखे।
वारदात के लिए आबादी से दूर खेत को चुना
हत्यारोपी चाहते तो मां-बेटे को उनके घर पर ही निशाना बना सकते थे, लेकिन उन्होंने खेत में वारदात को अंजाम दिया। खेत से आबादी करीब एक किलोमीटर दूर है। वारदात के वक्त सिर्फ दो ही लोग घटनास्थल से करीब चार सौ मीटर दूर थे, जो बीचबचाव करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। यह भी कहा जा रहा है कि रामराज की बेटी के सिर पर जो बोरी थी उसी में हथियार थे, जिनसे वारदात को अंजाम दिया गया।
अच्छा नहीं रामराज का आचरण
ग्रामीणों ने बताया कि रामराज का व्यवहार ठीक नहीं था। इसी वजह से गांव के लोग उससे कम ही बात करते थे। उसके परिवार के लोगों से भी गांव वालों ने दूरी बना रखी थी। इसके उलट, रामा का व्यवहार ठीक था। हत्याकांड के बाद कई ग्रामीण, खासकर महिलाएं उनके व्यवहार को लेकर चर्चा करती मिलीं।
पांच वर्ष पहले हुआ था विवाद
रामराज के बड़े भाई उदयराज की 15 वर्ष पहले मौत हो गई थी। वह पत्नी रामा और बेटों आकाश व विक्रम के साथ लुधियाना में रहकर प्राइवेट अस्पताल में नौकरी करते थे। उनकी मौत के बाद रामा दोनों बच्चों के साथ गांव आकर रहने लगी थीं। परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। पांच वर्ष पहले किसी बात को लेकर रामराज का रामा से झगड़ा हुआ था, जिसमें दोनों का चालान किया गया था।
लुधियाना में नौकरी करता है दूसरा बेटा विक्रम
रामा का एक बेटा विक्रम लुधियाना में नौकरी करता है। उसे मां रामा और भाई आकाश की हत्या की सूचना दे दी गई है। वह ट्रेन से घर के लिए निकल चुका है।
रामा के ससुर की तीन वर्ष पहले हुई थी मौत
तीन वर्ष पहले रामा के ससुर स्वामीनाथ की मौत हो गई थी, जिसके बाद जमीन का बंटवारा हुआ था। रामा को 10 बिस्वा जमीन मिली थी। 10 बिस्वा रामराज और इतनी ही जमीन मां जगपता के हिस्से आई थी। बाद में रामराज ने मां से जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया।
डायल करते रहे 108, नहीं हुई बात
मां-बेटे की हत्या के बाद ग्रामीणों के साथ पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस के लिए कई बार 108 नंबर डायल किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। असल में जहां पर वारदात हुई, वहां से 400 मीटर की दूरी पर दयाराम का ट्यूबवेल है। पुलिस की गाड़ियां वहीं तक पहुंची थीं। ट्यूबवेल से पैदल खेत तक जाने का रास्ता था। एंबुलेंस नहीं आने पर पुलिसकर्मी ग्रामीणों की मदद से मां और बेटे को उठाकर गाड़ी तक लाए। रुदौली गांव से सीएचसी मुसाफिरखाना की दूरी करीब दो किलोमीटर है। रास्ता खराब होने के कारण गांव से अस्पताल पहुंचने में करीब 10 मिनट लगे। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि 108 नंबर क्यों नहीं उठा, इस बारे में जानकारी लेकर उचित कार्रवाई की जाएगी। डबल मर्डर की सूचना पर सीएचसी के चिकित्सक अलर्ट थे।
सात दिन पहले रामराज ने जताई थी नाराजगी
सात दिन पहले हत्यारोपी रामराज ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजीव सिंह से मिला था। उसने कहा था कि धान की फसल में भतीजे ने कीटनाशक दवा डाल दी, जिससे फसल बर्बाद हो गई। प्रधान प्रतिनिधि के मुताबिक, उन्होंने रामराज को समझाया था कि आकाश ऐसा नहीं करेगा। वह खुद आकर दोनों परिवारों को साथ बैठाएंगे और बात करेंगे। प्रधान प्रतिनिधि के समझाने के बाद भी रामराज का गुस्सा कम नहीं हुआ।
कब क्या हुआ...
10:37 बजे - रामा ने प्रधान प्रतिनिधि को फोन कर देवर रामराज से हत्या की आशंका जताई।
10:40 से 10:50 बजे - रामा और उनके बेटे आकाश की हत्या कर दी गई।
11:45 बजे - फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
11:00 बजे - डायल 112 की पीआरवी पहुंची।
11:10 बजे - रामा और आकाश को सीएचसी मुसाफिरखाना पहुंचाया गया।
11:15 बजे - चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
11:20 बजे - कोतवाली प्रभारी मुसाफिरखाना विवेक सिंह पूरे भवन मजरे रुदौली घटनास्थल पर पहुंचे।
11:25 बजे - सीओ अतुल सिंह घटनास्थल पर पहुंचे।
11:45 बजे - फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
12:00 बजे - एसपी अपर्णा रजत एसपा कौशिक सीएचसी मुसाफिरखाना पहुंचीं।
12:20 बजे - मां-बेटे के शव सीएचसी से पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेजे गए।
5:00 बजे - दोनों का पोस्टमार्टम शुरू हुआ।
6:00 बजे - पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
7:00 बजे - मां-बेटे के शव रुदौली गांव लाए गए।