फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Amethi News: 10 दिन बाद भी नहीं सुधरे वैकल्पिक मार्ग

Tue, 12 Aug 2025 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
विज्ञापन
अमेठी के पूरे तालुकदार गांव के पास वैक​​ल्पिक मार्ग के ऊपर से बहता नदी का पानी। -संवाद
विज्ञापन
अमेठी। तहसील क्षेत्र में चार निर्माणाधीन पुलों के पास बनाए गए अस्थायी वैकल्पिक मार्गों के बह जाने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। 10 दिन पहले बारिश में बहे संग्रामपुर ब्लॉक के टिकरिया में अमेठी-संग्रामपुर मार्ग, विशेषरगंज में अमेठी-किठावर मार्ग, अमेठी ब्लॉक के जयरामपुर गांव में अमेठी-संग्रामपुर मार्ग और भेटुआ ब्लॉक के कनकापुर गांव में भीमी-भेटुआ मार्ग की अब तक मरम्मत नहीं हुई है। इससे करीब 250 गांवों के लोग 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन






अमेठी-किठावर मार्ग पर आवागमन ठप
अमेठी-किठावर मार्ग पर विशेषरगंज तालुकदार के पास बना अस्थायी मार्ग तीन अगस्त को बह गया था। यह सुल्तानपुर, रायबरेली और अमेठी को जोड़ने वाला अहम रास्ता है। मार्ग पर आवागमन बंद होने से 100 से अधिक गांवों के लोग प्रभावित हैं। यह पुल मालती नदी पर बन रहा है।



कालिकन धाम जाने वाले श्रद्धालु भी परेशान
तीन अगस्त को दोपहर बाद मालती नदी का जलस्तर बढ़ने से पूरे तालुकदार गांव के पास संग्रामपुर-टिकरिया अस्थायी मार्ग बह गया था। इसकी वजह से टिकरिया, भवसिंहपुर, पुन्नपुर, सरैया कनू, सोनारी कनू, नरायनपुर, उमापुर, नेवादा कनू सहित 100 गांवों के लोगों की आवाजाही बाधित है। कालिकन धाम आने-जाने वाले श्रद्धालु भी परेशानी झेल रहे हैं।
विज्ञापन





दलदल बना संग्रामपुर-कालिकन मोड़ संपर्क मार्ग
जयरामपुर गांव में लाल बाबा आश्रम के पास निर्माणाधीन पुल के समीप बना संग्रामपुर-कालिकन मोड़ संपर्क मार्ग दो अगस्त की रात बह गया था। सोमवार को मरम्मत के बाद भी दलदल से बड़े वाहन नहीं गुजर पाए, बाइक भी फंस रही हैं। जरौटा, बलभद्रपुर, बनकटवा, उत्तरगांव, कटरा, बेलखरी, ईश्वरपुर, जयरामपुर सहित 50 गांव प्रभावित हैं। यह पुल रेभिया नदी पर बन रहा है।





13 किमी लंबा चक्कर लगा रहे ग्रामीण
भेटुआ ब्लॉक के भीमी-भेटुआ मार्ग पर कनकापुर के पास मालती नदी पर बना अस्थायी मार्ग बारिश से जुलाई में बह गया था। अशोक यादव, विनय प्रताप सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि जिला मुख्यालय जाने के लिए एक महीने से उन्हें 13 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मजबूत वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग की।



जलस्तर कम होते ही दुरुस्त किए जाएंगे मार्ग
अवर अभियंता अमित पाठक ने बताया कि नदी का जलस्तर अधिक होने से कार्य प्रभावित हो रहा है। जलस्तर कम होते ही सभी वैकल्पिक मार्ग की मरम्मत कर लोगों की परेशानी दूर की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें