जायस : बदहाल व कीचड़ से पटा अकेलवा-शाहमऊ मार्ग। -संवाद
- फोटो : AMETHI
जायस (अमेठी)। अकेलवा से शाहमऊ जाने वाला नौ किलोमीटर लंबा मार्ग लंबे समय से बदहाल है। आलम यह है कि इस सड़क पर लोगों का पैदल चलना मुश्किल है। सड़क बदहाल होने का खामियाजा इस मार्ग से प्रति दिन आने जाने वाले 15 हजार से अधिक लोगों को उठाना पड़ रहा है। लोग सफर को खुशनुमा बना सकें इसके लिए उन्हें 15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है।
तहसील मुख्यालय जाने के लिए अकेलवा से शाहमऊ मार्ग लंबे समय से बदहाल है। सड़क पर जगह जगह पर बड़े बड़े गढ्ढे हो गए हैं। इससे लोगों को आने जाने में बड़ी कठिनाइयां उठानी पड़ रही हैं। इस सड़क की लंबाई नौ किलोमीटर है। यह मार्ग बांदा-टांडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अकेलवा चौराहे से मोहनगंज जाने के लिए बाईपास के रूप में बनाया गया है। इस मार्ग से लगभग 15 हजार लोगों का प्रति दिन का आवागमन होता है। इसी मार्ग से दर्जनों स्कूलों के छोटे-बड़े वाहन भी गुजरते हैं। मुख्य रूप से तेंदुआ, सराय महेशा, मोहना, ओदारी, पूरे उदवत, पूरे देवीदत्त गहरवार, फरीदपुर परवर, उड़वा व पूरे कोरिन सहित दर्जनों गांवों के लोगों का आवागमन होता है। ग्रामीणों ने इस सड़क मार्ग को बनवाने के लिए कई बार क्षेत्रीय विधायक व अन्य नेताओं से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने इस सड़क पर ध्यान नहीं दिया। सड़क का आलम यह है कि बारिश में आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाता है। लोगों को लगभग 15 किलोमीटर दूरी अधिक तय कर तहसील मुख्यालय जाना पड़ता है। इसी सड़क से लग्जरी कारों से कई बड़े नेता और अधिकारियों का भी आना जाना लगा रहता है। लेकिन किसी ने सड़क का पुनर्निर्माण कराने की जरूरत नहीं समझी।
पोलिंग पार्टियों को उठानी पड़ेगी दिक्कत
विधानसभा चुनाव की तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। तिलोई विधानसभा क्षेत्र के बहादुरपुर विकास क्षेत्र के दर्जन भर पोलिंग बूथों पर जाने का रास्ता यही मार्ग है। इसी मार्ग से होकर दर्जनों बने मतदान केंद्रों तक पोलिंग पार्टियों एवं प्रशासनिक अधिकारी को आना जाना पड़ेगा। ऐसे में यदि किसी बूथ पर कोई घटना हो गई तो अफसरों को बूथ तक पहुंचने में ज्यादा समय खर्च करना पड़ेगा।
इस बार सिखाएंगे सबक
स्थानीय संत प्रसाद मौर्य, महेंद्र निर्मल, मो. आजाद, मो. शमीम ने बताया कि इस सड़क का निर्माण करीब दस साल पहले किया गया था। बनने के कुछ ही दिन बाद सड़क पूरी तरह से उखड़ गई। बड़े बड़े गडढे हो गए। हम लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से इसे बनवाने की मांग की लेकिन नेता सिर्फ वोट मांगना ही जानते हैं। इस बार उन झूठे वादे करने वाले नेताओं को सबक सिखाना है।