मुसाफिरखाना। उपजिलाधिकारी की कार्यशैली के विरोध में 30 दिसंबर से न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर रहे अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में महापंचायत का आयोजन कि। इसमें हैदरगढ़, तिलोई, बल्दीराय, गौरीगंज, बाराबंकी, अयोध्या और रायबरेली सहित कई जनपदों से बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे।
महापंचायत में वक्ताओं ने एकस्वर में उपजिलाधिकारी के तत्काल स्थानांतरण की मांग रखी। इस दौरान न्यायिक कार्य ठप रहे जिससे तहसील में दूरदराज से वादकारियों को इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा।
महापंचायत खत्म होने के बाद तहसील गेट के सामने अधिवक्ता सड़क पर बैठ गए। धरने के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात बाधित हो गया। करीब 10 मिनट तक आवागमन ठप रहने से आमजन और मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदर्शन के कारण न्यायालयों में सुनवाई नहीं हो सकी, जिससे वादकारियों को अगली तारीख दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ। क्षेत्राधिकारी अतुल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से बातचीत कर धरना समाप्त कराया। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पृथ्वीराज मिश्रा ने कहा कि मुसाफिरखाना में वर्तमान उपजिलाधिकारी का बने रहना उचित नहीं है। वहीं शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को मुख्यमंत्री तक ले जाने की चेतावनी दी गई।
हैदरगढ़ बार अध्यक्ष राम अचल मिश्र ने 24 घंटे के भीतर उपजिलाधिकारी को हटाने की मांग रखी। अधिवक्ता उमाशंकर पांडेय ने कहा कि बड़ी संख्या में जुटे अधिवक्ता प्रशासन को स्पष्ट संकेत दे रहे हैं। हाईकोर्ट अधिवक्ता रत्नेश शुक्ल ने कहा कि 22 दिनों से धरना जारी है, लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं दिख रहा है।
सुल्तानपुर बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने कहा कि पूरा जनपद समर्थन में खड़ा है। पंचायत में इनके साथ अध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह और महासचिव दिनेश कुमार दुबे भी मौजूद रहे। महापंचायत में पूर्व विधानसभा प्रत्याशी विजय पासी भी अपने तमाम समर्थकों के साथ पहुंचे।
पूर्व अमेठी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा और सेंट्रल बार गौरीगंज के सचिव संतोष शुक्ल ने भी मांगों को लेकर समर्थन जताया। मुसाफिरखाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। महापंचायत का संचालन राधेश्याम लाल श्रीवास्तव ने किया।
महापंचायत के कारण दस्तावेज लेखन कार्य बंद रहा, जिससे करीब 12 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था में क्षेत्राधिकारी अतुल सिंह के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस, पीएसी प्लाटून और फायर सर्विस वाहन तैनात रहे।