अमेठी सिटी। मुसाफिरखाना में ओवरलोड वाहन पकड़ने पर लोकेटर्स ने पीटीओ दिनेश रावत को धमकाया। उन पर ट्रक छोड़ने के लिए दबाव बनाया। पीटीओ ने जब वीडियो बनाना शुरू किया तो लोकेटर्स वहां से भाग गए। ट्रक को सीज कर जगदीशपुर थाने में खड़ा कराया गया। अभी कुछ दिन पहले अमेठी में एआरटीओ महेंद्र बाबू गुप्ता के साथ भी अभद्रता और हाथापाई करने का मामला सामने आया था। बार-बार शिकायत के बावजूद पुलिस लोकेटर्स पर कार्रवाई नहीं कर रही है, जिससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
यात्री कर अधिकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार सुबह वह जगदीशपुर-मुसाफिरखाना मार्ग पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। रायबरेली की ओर से आए मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक यूपी 90 बीटी 1375 को उन्होंने रोकने की कोशिश की। चालक ने ट्रक आगे बढ़ाकर मुसाफिरखाना के पास पेट्रोलपंप पर खड़ा करने की कोशिश की। पंप संचालक ने चालक को गाड़ी खड़ा करने से मना कर दिया। उसके बाद वह गाड़ी लेकर तौल कराने इन्हौंना की तरफ बढ़े।
रास्ते में कठौरा के पास एसयूवी सवार दो युवक पहुंचे और उन्हें रोक लिया। उन्होंने ट्रक छोड़ने का दबाव बनाया और धमकी दी। जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो दोनों युवक धमकी देते हुए वहां से चले गए। उनके जाने के बाद ट्रक की तौल कराई गई तो उसमें 25 टन अतिरिक्त मौरंग लदी मिली। ट्रक को सीज कर दिया गया। पीटीओ ने बताया कि लगातार उनका और एआरटीओ का पीछा किया जा रहा है। रात में तीन से चार गाड़ियां उनके आगे पीछे लगी रहती हैं। लोकेटर्स की वजह से काम करने में दिक्कत आ रही है। घटना के वक्त का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
सीओ मुसाफिरखाना अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पीटीओ को जगदीशपुर या मुसाफिरखाना में तहरीर देनी चाहिए। एफआईआर दर्ज कराकर तुरंत जांच शुरू कर दी जाती। हालांकि मामला संज्ञान में आते ही धमकी देने वालों के बारे में पता लगाया जा रहा है।