अमेठी सिटी। सुबह के नौ बजे थे। बेनीपुर स्थित 50 शैया एकीकृत आयुष अस्पताल की पैथोलॉजी में लैब टेक्नीशियन रजिस्टर पर कुछ लिख रही थीं। उनसे पूछा गया कि डेंगू और मलेरिया की जांच हो जाएगी। उन्होंने हां कहा। इस पर उन्हें ब्लड सैंपल दिया गया, जिसके बाद उन्होंने सच बोला। कहा कि रीजेंट व किट नहीं होने से बुखार, डेंगू, मलेरिया, ब्लड ग्रुप आदि जरूरी जांचें नहीं हो पा रही हैं।
इस अस्पताल में आर्युवेद, यूनानी, होम्योपैथिक, पंचकर्म, योगासिद्धा एक छत के नीचे संचालित हैं। ओपीडी का समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक है। बुधवार को 8:20 बजे इस अस्पताल में दावों से इतर सब कुछ दिखा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मोहम्मद कासिफ सहित यूनानी के दो और आयुर्वेद के तीन चिकित्सक ओपीडी में नहीं मिले। सुबह 9:10 बजे तक ये पांचों चिकित्सक ओपीडी में नहीं पहुंचे। अस्पताल में कई नए व पुराने मरीज चिकित्सक को दिखाने के लिए इंतजार करते मिले। सिर्फ होम्योपैथिक विभाग में डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी व डॉ. हेमलता तिवारी ओपीडी करती मिलीं।
ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 150 से 200 मरीज आते हैं। इस समय अस्पताल में दवाओं की कमी होने से सिर्फ होम्योपैथिक व पंचकर्म के माध्यम से मरीजों का इलाज हो रहा है। अस्पताल में मिले पुराने मरीजों ने बताया कि सीएमएस डॉ. मोहम्मद कासिफ सप्ताह में दो से तीन दिन ही आते हैं।
लैब टेक्नीशियन भी नदारद
लैब में तैनात दो लैब टेक्नीशियन में अंकित कुमार समय से नहीं पहुंचे। एलटी काजल 8:45 बजे पहुंचीं। काजल ने बताया कि बुखार पीड़ित मरीजों को बाहर से जांच करानी पड़ रही है।
नाम मात्र की हैं दवाएं
अस्पताल में दवाओं का भी टोटा है। बताया गया कि आयुर्वेद विभाग में मात्र 10 दवाएं हैं। दर्द निवारक तेल, सिरप सहित अन्य जरूरी दवाएं नहीं हैं। यूनानी विधा में नौ दवाएं उपलब्ध होने की बात बताई गई।
बोले मरीज, नहीं आए चिकित्सक
बलभद्रपुर निवासी कृष्णा देवी, विशेषरगंज निवासी सहमतुल्लनिशा, चांद अली, बेनीपुर निवासी सुखरानी ने बताया कि कि वह आठ बजे से अस्पताल में हैं। अभी यूनानी व आयुर्वेद विभाग में कोई चिकित्सक नहीं आया। पूरी दवा भी नहीं मिल पा रही है। सिर्फ पंचकर्मा में सिंकाई कराकर लौटना पड़ रहा है।
चार दिन अस्पताल आते हैं सीएमएस
सीएमएस ने बताया कि वह सप्ताह में चार दिन अस्पताल आते हैं। प्रत्येक कार्यदिवस में अस्पताल न आने का कारण पूछने पर वह कुछ नहीं बोले। उन्होंने ये जरूर बताया कि दवाओं की कमी है, जिसको लेकर मांग मुख्यालय भेजी गई है।
कराई जाएगी जांच
क्षेत्रीय यूनानी व आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अब्दुल बारी ने बताया कि सीएमएस को प्रतिदिन अस्पताल में रहना चाहिए। ओपीडी के समय सभी चिकित्सक व कर्मियों को भी मौजूद रहना चाहिए। जो भी नियमावली का उल्लंघन करेगा, जांच कराकर उस पर कार्रवाई की जाएगी।