अमेठी सिटी। इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी होने के बाद विद्यार्थियों के सामने कॅरिअर चयन की अहम चुनौती होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी स्तर पर सही निर्णय लेने से भविष्य की दिशा तय होती है। इसलिए विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों को भी सोच-समझकर पाठ्यक्रम और संस्थान का चयन करना चाहिए। स्नातक के साथ-साथ प्रोफेशनल कोर्स चुनने से रोजगार के अवसर और बढ़ जाते हैं।
डिग्री कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. त्रिवेणी सिंह के अनुसार विज्ञान वर्ग के विद्यार्थी इंजीनियरिंग और मेडिकल क्षेत्र में बेहतर कॅरिअर बना सकते हैं। फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स लेने वाले विद्यार्थी कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, सिविल व रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में जा सकते हैं। वहीं बायोलॉजी वाले विद्यार्थी एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस या फार्मेसी व बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसे नए क्षेत्रों में भी तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं।
वाणिज्य संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. सीएन पांडेय ने बताया कि कॉमर्स के छात्रों के लिए फाइनेंस और मैनेजमेंट में कई विकल्प हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी और कॉस्ट अकाउंटेंट जैसे कोर्स बेहतर कॅरिअर देते हैं। बीकॉम, बीबीए और बीएमसी के जरिये बैंकिंग और बिजनेस मैनेजमेंट में आगे बढ़ा जा सकता है।
प्रधानाचार्य डॉ. नीलम त्रिपाठी के अनुसार कला वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी व्यापक अवसर हैं। बीए के माध्यम से इतिहास, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान व भूगोल जैसे विषयों में पढ़ाई की जा सकती है। कानून, पत्रकारिता, फैशन डिजाइनिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग और एनीमेशन जैसे क्षेत्र भी तेजी से उभर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार ही विषय चुनें, तभी वे अपने कॅरिअर में सफल हो सकेंगे।