मुसाफिरखाना। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की कार्यशैली के विरोध में वकीलों का आंदोलन बुधवार को और अधिक उग्र हो गया। बार अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की और तहसील गेट पर धरना दे दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
वकीलों के इस आंदोलन की वजह से तहसील में कामकाज ठप रहा। बुधवार को एसडीएम की अदालत में 24 मुकदमे सूचीबद्ध थे, लेकिन वकीलों के न होने से अन्य अदालतों में भी सुनवाई नहीं हो सकी। इसका सीधा असर उन वादकारियों पर पड़ा, जो अपनी सुनवाई के लिए दूर-दूर से आए थे और उन्हें बिना सुनवाई के ही लौटना पड़ा। इसके अतिरिक्त, रजिस्ट्री का काम न होने के कारण तहसील को लगभग 12 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
एसडीएम कोर्ट में सुनवाई, बाकी में वादकारी लौटे
अमेठी सिटी। गौरीगंज तहसील में बुधवार को अधिकांश न्यायालयों में सुनवाई नहीं हो सकी। डीएम, एडीएम, एडीएम न्यायिक, डीडीसी चकबंदी, उपभोक्ता फोरम व तहसीलदार कोर्ट में सूचीबद्ध वादों में अगली तारीख दे दी गई। केवल एसडीएम कोर्ट में सुनवाई हुई। मंडलायुक्त के भ्रमण के कारण कार्य प्रभावित रहा। दूर-दराज से आए वादकारियों को बिना सुनवाई के निराश होकर लौटना पड़ा। पूरे दिन लोग तारीख लेने के लिए भटकते रहे। (संवाद)
अमेठी तहसील में भी ठप रहा न्यायिक कार्य
अमेठी। मुसाफिरखाना प्रकरण को लेकर अमेठी तहसील बार संघ की बैठक के चलते बुधवार को न्यायिक कार्य बाधित रहा। विभिन्न न्यायालयों में कुल 228 मामले सूचीबद्ध थे, लेकिन किसी की सुनवाई नहीं हो सकी। एसडीएम प्रशासनिक में 36, एसडीएम न्यायिक में 71, नायब तहसीलदार में 37 और सीओ चकबंदी में 84 मामलों में अगली तारीख दे दी गई। वादकारियों को पूरे दिन इंतजार के बाद निराश होकर लौटना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च और परेशानी झेलनी पड़ी।(संवाद)