मुसाफिरखाना तहसील में प्रदर्शन करते अधिवक्ता। स्रोत : स्थानीय नागरिक
मुसाफिरखाना। तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी के कार्य व्यवहार के विरोध में अधिवक्ताओं का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। 30 दिसंबर से चल रहे विरोध-प्रदर्शन के चलते तहसील में न्यायिक कार्य पूरी तरह बाधित है। इसका सीधा असर आम वादकारियों पर पड़ रहा है, जो वादों की सुनवाई के अभाव में निराश होकर लौटने को मजबूर हैं।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में भ्रमण कर नारेबाजी की। इसके बाद तहसील गेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रशासन से शीघ्र समस्या के समाधान की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से आंदोलन चलने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है, जिससे असंतोष बढ़ता जा रहा है।
न्यायिक कार्य ठप रहने से दूरदराज क्षेत्रों से आए वादकारी परेशान दिखे। उन्हें बिना सुनवाई अगली तारीख लेकर लौटना पड़ रहा है। इससे समय के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। वादकारियों ने भी समस्या के शीघ्र निस्तारण की मांग की। इधर अधिवक्ताओं ने आगामी महापंचायत की तैयारी तेज कर दी है। आंदोलन को और प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। महापंचायत को सफल बनाने के लिए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। प्रदर्शन में सतीश सिंह, राजन सिंह, अश्विनी श्रीवास्तव, पवन कुमार तिवारी, शिव पूजन, नवनीत चौबे, प्रमोद श्रीवास्तव आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।